रोहतक। मोबाइल से नहीं, किताबों से नजदीकियां बनानी चाहिए। बढ़ते साइबर अपराध में युवाओं को जागरूक होना जरूरी है। यह कहना है प्रशिक्षु आईपीएस लाखनमाजरा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार का। वह सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एसआरएस स्कूल आईएमटी में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।
यहां स्वयंसेवकों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारियां भी दी गईं। उन्होंने कहा कि सफलता का मूल मंत्र डिसिप्लिन व मोटिवेशन है। खुद से जितना जागरूक होंगे और डिसिप्लिन में रहेंगे उतना ही सामने वाले आपसे सीखेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल अधिक करने लगे हैं। इसके नकारात्मक व सकारात्मक दोनों प्रभाव हैं। किसी भी प्रकार के अनजान लिंक को क्लिक नहीं करना चाहिए। मिलने से पहले किसी पर भी आंख बंद करके विश्वास न करें। बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि आप किसी साइबर अपराध के शिकार होते हैं तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय सेल्फ स्टडी पर ध्यान देना चाहिए। दूसरों को जागरूक करने के लिए पहले स्वयं अपने आपको जागरूक बनाना है।
स्कूल के निदेशक डॉ. सुमित शर्मा ने कहा कि सामाजिक बदलाव के लिए युवाओं का बड़ा योगदान है। फौज व पुलिस की वजह से आज हर कोई सुरक्षित महसूस कर रहा है। कुछ मूल जानकारियों से भी युवा और नागरिक अपराधों से बच सकते हैं। इस दौरान जिला समन्वयक अनुज मलिक, कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर, अमनदीप, डॉ. सतीश, डॉ. सुशील, डॉ. पंकज जैन आदि मौजूद रहे।
आईपीएस रवींद्र कुमार से सवाल व जवाब
यश कुमार : पढ़ाई के साथ-साथ मेंटली कैसे फिट हो सकते हैं?
जवाब : आठ घंटे की नींद लें। दिन में स्कूल की पढ़ाई को पूरी करें। सुबह-शाम रनिंग जरूर करें। अच्छी तैयारी के लिए पांच घंटे खुद से पढ़ाई करनी चाहिए। मेंटली तैयार होने के लिए खाली समय में मोबाइल से बचें।
शिवम : यूपीएससी के लिए तैयारी कैसे करें?
जवाब : यूपीएससी की तैयार में चैलेंज रहता है लेकिन यह शुरुआत में रहता है। 8 विषयों की पढ़ाई करनी चाहिए। एक दिन की मेहनत से सफलता नहीं मिलती है।