संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले के सिंहपुरा खुर्द गांव में अब पानी न तो नालियों में बेकार बहता है न ही सड़कों पर जमा होता है। यह नलों के जरिए हर घर में पहुंच रहा है। अब लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ता है। गांव में बेकार बहने वाले पानी को भी स्टोर कर खेती के उपयोग में लाया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकी जा रही है।
वहीं, बुधवार को दिल्ली में हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेहतर जल प्रबंधन के लिए गांव की महिला सरपंच मीना देवी को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। अमर उजाला टीम ने बुधवार को गांव में जाकर पेयजल व्यवस्था देखी जो बेहतर मिली।
शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित सिंहपुरा खुर्द गांव की आबादी 3000 है। यहां करीब 400 से अधिक मकान हैं। इनमें रहने वाले लोगों को पहले पेयजल के लिए मारे-मारे फिरना पड़ता था। यहां न तो पेयजल सप्लाई समय पर आती थी और न ही पानी साफ होता था।
पेयजल लाइन नहीं थी तो कहीं लीकेज की समस्या थी। अब एक वर्ष से यहां पेयजल व्यवस्था में बड़ा सुधार आया है। पहले तीन से चार दिन में आने वाला पानी अब रोज सुबह-शाम आने लगा है। वह भी पूरे गांव में एक साथ और एक समय।
ग्राम पंचायत ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजना जल जीवन मिशन के तहत व्यवस्था बनाई तो ग्रामीणों की पेयजल किल्लत दूर हुई।
39-गांव सिंहपुरा का जलघर दिखता ग्रामीण जगबीर। संवाद- फोटो : Samvad
39-गांव सिंहपुरा का जलघर दिखता ग्रामीण जगबीर। संवाद- फोटो : Samvad
39-गांव सिंहपुरा का जलघर दिखता ग्रामीण जगबीर। संवाद- फोटो : Samvad