ई-टेंडरिंग के विरोध में धरना देते सरपंच। संवाद
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खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय में सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों का तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा। सुबह 11 बजे सभी सरपंच व गांव गुढ़ान से महिलाएं खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय को ताला लगाने पहुंच गए। जहां पर पहले से पुलिस मुस्तैद रही। लेकिन सरपंच व महिलाओं के सामने वे बेबस नजर आए और सरपंचों ने कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
सरपंच प्रधान चुन्नी लाल ने कहा कि सरकार सरपंचों की परीक्षा न ले। गांव वालों ने अपनी इच्छा से उन्हें गांव का सरपंच चुना है। अगर ई-टेंडरिंग प्रणाली को बंद नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ब्लॉक में बीडीपीओ अधिकारी तक नहीं है। कार्यालय में महिलाओं के लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। जब सरकार अपने कार्यालय का ही विकास नहीं करवा सकती तो गांव का विकास क्या करवाएगी। सरकार सरपंचों को चोर कहने की भूल न करे। सरपंच गांव के प्रतिनिधि हैं। अगर इस्तीफा देने की बात आई तो सबसे पहले कलानौर सरपंच एसोसिएशन इस्तीफा देगी। इस मौके पर महिला किसान यूनियन जिला अध्यक्ष गीता अहलावत, किसान यूनियन जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र तोमर, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन व चेयरमैन प्रतिनिधि विष्णु, पार्षद कपिल मलिक, रामनारायण, महाबीर नेहरा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।