रोहतक। नेहरू कॉलोनी, जिसका नाम तो प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखा गया लेकिन यहां समस्याएं अपार हैं। नगर निगम के वार्ड 2 में शामिल इस काॅलोनी में निगम की ओर से पुस्तकालय बनाया गया था। सफाई व्यवस्था ठप है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं तो कहीं सड़कें भी टूटी पड़ी हैं।
कॉलोनी का ज्यादातर क्षेत्र दूसरी कॉलोनियों के बजाय नीचा है। ऐसे में बारिश के पानी निकासी यहां की गंभीर समस्या है। पेयजल समस्या के समाधान के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। नेहरू कॉलोनी में करीब 15,000 की आबादी रहती है।
40 साल पहले यह नेहरू कॉलोनी बनाई गई थी। यहां पर गोकर्ण पार्क व तालाब के पास में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगर निगम की ओर से कॉलोनी में शिकायत केंद्र के लिए दो कक्ष बनाए थे लेकिन आज तक शुरू नहीं किए गए हैं।
नेहरू काॅलोनी में नगर निगम की ओर से पुस्तकालय बनाया गया है लेकिन इसमें पुस्तकें, कुर्सी व मेज आदि सुविधाएं नहीं हैं। यहां ताला लगा रहता है।
- कर्म चंद, नेहरू काॅलोनी
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नेहरू काॅलोनी में बरसाती पानी निकासी न होना बड़ी समस्या है। यहां बारिश में एक से दो फीट तक जलभराव हो जाता है। कई जगह कूड़े के ढेर भी लगे रहते हैं।
सुशीला इंदौरा, पूर्व पार्षद
वार्ड की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने का प्रयास रहता है। कूड़ा उठाने के लिए गाड़ियां लगाई गई हैं। बारिश के पानी की निकासी की भी योजना है।
- आशा लता, निगम पार्षद वार्ड 2
02-नेहरू काॅलोनी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद
02-नेहरू काॅलोनी में टूटी पड़ी सड़क। संवाद