जिले में आपात स्थिति के लिए करीब 3500 बेड का इंतजाम किया जा सकता है। इनमें सरकारी व निजी अस्पतालों के ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू बेड शामिल हैं। उक्त बातें उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कही।
अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू वाले 1500 बेड हैं। पीजीआई में ऐसे 200 बेड हैं। निजी अस्पतालों को मिलाकर 3500 बेड का इंतजाम किया जा सकता है। जल्द ही बेड की उपलब्धता की जानकारी ऑनलाइन दी जाएगी। शुरू में रेमडेसिविर की कमी थी, लेकिन राज्य सरकार ने वह उपलब्ध करवा दी है। पीजीआई में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है। संक्रमण बढ़ने के बाद ज्यादा लोग कोरोना का टेस्ट करवाने आ रहे हैं। इसलिए उनके सैंपल गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत कई जगह की लैब में भेजे जा रहे हैं, ताकि लोगों को जल्द रिपोर्ट मिल सके। लेकिन अगर जो भी व्यवस्थाएं हैं, मरीज उससे भी ज्यादा हो गए तो क्या होगा। हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। स्कूल बंद हैं, नाइट कर्फ्यू लगा है, शादी और अंतिम संस्कार में बंदिशें लगाई गई हैं। लोग अपनी जिम्मेदारी समझें, मास्क लगाएं और सामाजिक दूरी का पालन करें। हल्के लक्षणों पर अस्पताल न जाएं। पॉजिटिव आने के बाद वायरल लोड देखें, सीटी वैल्यू का आंकलन करें। उन्होंने बताया कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने के आदेश दिए गए हैं, जिनकी निगरानी इंसिडेंट कमांडर करेंगे। जिला प्रशासन के दो में से एक कंट्रोल रूम बंद हो गया था, उसे भी शुरू कर दिया गया है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर यहां से श्रमिकों के पलायन की सूचना नहीं है, सभी औद्योगिक इकाइयां काम कर रही हैं। बुधवार को उद्यमियों के साथ बैठक करेंगे। बंद के आदेश के बावजूद अगर कोई स्कूल खुला मिलता है तो प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एडीसी महेेंद्रपाल और एएसपी नरेंद्र कादियान भी मौजूद थे।
नाइट कर्फ्यू के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त
उपायुक्त ने बताया कि जिले में नाइट कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। जिले के सभी आला अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी के साथ पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
31 आढ़तियों को दिया नोटिस
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान गेहूं भीगने के मामले में महम के 31 आढ़तियों को नोटिस दिया गया है। उन्होंने तिरपाल के बारे में गलत जानकारी प्रशासन को दी थी। अब तक डेढ़ लाख क्विंटल फसल की आवक हुई है, जिसमें से सवा लाख क्विंटल खरीदा जा चुका है। साठ प्रतिशत की लिफ्टिंग भी हो चुकी है।