झज्जर। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में रोज 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि कुत्ते के काटने पर सबसे पहले घाव को साबुन से 15 मिनट तक साफ करें। शहर में बंदर और कुत्तों की संख्या बढ़ गई है।
आए दिन लोगों को बंदर, बिल्ली और कुत्ते अपना निशाना बनाकर काट रहे हैं। बंदर व कुत्तों की संख्या बढ़ने के कारण शहर के लोग भी परेशान है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। पिछले एक सप्ताह में नागरिक अस्पताल में कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने के लगभग 91 केस आ चुके हैं।
शहर के नागरिक अस्पताल में रोज 10 से 15 लोग कुत्ते, बंदर के काटने से एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। कुत्तों, बंदरों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कभी-कभी यह संख्या 25 तक पहुंच जाती है। कुत्ते, बंदर के काटने के 24 घंटे में ही एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने होते हैं। उसके बाद तीन सप्ताह तक हर सप्ताह एक इंजेक्शन लगाया जाता है। पहले कुत्ते, बंदर, बिल्ली के काटने पर रेबीज के सात इंजेक्शन लगाए जाते थे, लेकिन अब चार ही इंजेक्शन लगाए जाते हैं। शहर में हर मोहल्ले, काॅलोनी में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। इसी प्रकार से बंदरों की तादाद भी बढ़ रही है। गली में निकलते ही कुत्ते व बंदरों की फौज दिखाई पड़ती है। कई बार तो गली से निकलते समय बंदर और कुत्ते लोगों पर हमला कर देते हैं।
कुत्ते के काटने पर क्या करें
कुत्ते के काटने पर सबसे पहले घाव को साबुन से 15 मिनट तक साफ करे। काटे गए स्थान पर एंटीबायोटिक लगाएं। जहां पर कुत्ते ने काटा है वहां पर टांके न लगाएं, बल्कि घाव को खुला छोड़ देना चाहिए। काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए, ताकि इसे बढ़ने से रोका जा सके।
रेबीज के इंजेक्शन के लिए बाहर चुकाने पड़ते हैं ज्यादा रुपये
कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है, ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके। इसके लिए बाहर से इंजेक्शन लगवाने पर लगभग 500 रुपये चुकाने पड़ते हैं। वहीं, नागरिक अस्पताल में इसके लिए 100 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
पागल कुत्ते ने भैंस को काटा, भैंस का दूध पीने पर परिवार को लगवाने पड़ रहे टीके
पागल कुत्ते बेसहारा व पालतू पशुओं को भी अपना शिकार बना रहे हैं। झज्जर के एक गांव में कुछ दिन पहले एक भैंस को पागल कुत्ते ने काट लिया। परिवार को इसका पता नहीं चला। कुछ दिन बाद भैंस में लक्षण दिखे तो डॉक्टर को दिखाया। बाद में पता चला कि भैंस को कुत्ते ने काटा है। परिवार के सदस्य भैंस का दूध भी पी रहे थे। अब भैंस में लक्षण सामने आने के बाद परिवार के सदस्य भी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं।
नागरिक अस्पताल में आए काटने के मामले
तिथि कुत्ते बंदर बिल्ली
28 नवंबर 07 01 01
29 नवंबर 06 02 02
30 नवंबर 10 02 01
2 दिसंबर 07 01 03
3 दिसंबर 22 00 00
4 दिसंबर 10 01 00
5 दिसंबर 12 02 01
वर्जन
कुत्ते, बंदर, बिल्ली के काटने से रेबीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए कुत्ते, बिल्ली के काटने पर सबसे पहले घाव को अच्छी तरह से साबुन से धाेना चाहिए। 24 घंटों के अंदर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए।
-शालू सैनी, फार्मासिस्ट, सिविल अस्पताल, झज्जर