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दो डॉक्टरों ने 7 घंटे में 722 आवेदकों की जांची उम्र, एक महीने बाद मिलेगी रिपोर्ट

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स्वास्थय की जांच के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाते लोग। - फोटो : Jind
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नरवाना। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से शुक्त्रस्वार को लघु सचिवालय में आवेदकों की बुढ़ापा पेंशन के लिए उम्र पता करने के लिए मेडिकल जांच शिविर लगाया गया। इसमें क्षेत्र के ऐेेसे लोगों की मेडिकल जांच की गई, जिनके पास उम्र से संबंधी कोई प्रमाण नहीं है। आवेदक अपनी उम्र की जांच करवाने के लिए सुबह नौ बजे से पहले ही कार्यालय पहुंच गए, लेकिन जांच करने के लिए चिकित्सक सुबह करीब 11 बजे पहुंचे। इसके चलते आवेदकों को इंतजार करना पड़ा। पंजीकरण करवाकर एक-एक करके आवेदकों ने स्वास्थ्य की जांच करवाई। शिविर में डॉ. मोहित व डॉ. कपिल शर्मा ने लोगों की जांच की।
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इस दौरान विभ्?ाग ने दावा किया कि सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक चले शिविर में सभी बुजुर्गों की जांच की गई। अब एक माह बाद रिपोर्ट आएगी, जिसमें चिकित्सक जिन लोगों को 60 वर्ष का होने का प्रमाण पत्र देंगे वे लोग पेंशन के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। लघु सचिवालय में समाज कल्याण विभाग के बाहर लोगों की लाइन पूरे दिन लगी रही। पंजीकरण होने के घंटों बाद तक आवेदकों को मेडिकल करवाने का इंतजार करना पड़ा। जिला समाज कल्याण विभाग लोगों की बुढ़ापा पेंशन के उम्र संबंधी जांच लिए ब्लाक स्तर पर शिविरों का आयोजन करता है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी ने बताया कि शुक्त्रस्वार को 722 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था।
व्यवस्था सही नहीं होने से लोगों में रोष
लोगों ने बताया कि दूर दराज के गांवों से शिविर के लिए आते हैं, लेकिन यहां व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी होती है। जल्दी जांच करने के लिए कई लोग तो आठ बजे ही पहुंच गए, ताकि लाइन में सबसे पहले उनका नंबर लग जाए, लेकिन दो घंटे तक चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा।
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बुजुर्गों की शारीरिक स्थित देखकर फार्म पर निशान बस निशान लगाना होता है :?एसएमओ
मेडिकल जांच करने वाले चिकित्सकों के आदेश जिला अस्पताल से होते हैं। इसके बाद कुछ औपचारिकताएं पूरी करने में समय लग गया। इसके चलते देरी हो गई। शिविर में सिर्फ बुजुर्गों की शारीरिक स्थित देखकर फार्म पर निशान लगाना होता है। इसमें अधिक समय नहीं लगता। सभी बुजुर्गों की जांच की गई है। एक महीने के बाद इसकी रिपोर्ट देनी होती है। यह काम चिकित्सक अपने कार्यालय में करते हैं। - डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नरवाना।
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