कोरोना काल में नगर निगम ने बीपीएल कार्ड धारकों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है। 90 प्रतिशत आवेदनों पर नियमों की कैंची चल गई है। बचे मात्र 10 प्रतिशत परिवारों की सूची को निगम अपनी साइट पर डालेगा। एक सप्ताह के अंदर सूची को लेकर आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद सूची जिला स्तरीय कमेटी के सामने रखी जाएगी, जिसकी अनुमति से सूची फाइनल हो जाएगी। प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए आवेदन मांगे थे। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर 2019 से जनवरी 2020 तक ऑनलाइन शहर के 11 हजार 884 लोगों ने आवेदन किया। जांच के दौरान पहले ही चरण में 4593 आवेदन पात्र न होने के कारण रद्द हो गए थे। इसके बाद मार्च माह में निगम ने 7291 आवेदनों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। जांच टीम की रिपोर्ट के बाद 1179 ही पात्र मिले हैं। इसके अलावा 3846 आवेदन ऐेसे हैं, जिनके आवेदकों से संपर्क नहीं हो रहा है। किसी का पता गलत है तो किसी का मोबाइल नंबर नहीं लग रहा है।
1179 परिवारों की जांच डाली जाएगी ऑनलाइन
निगम की तरफ से 1179 आवेदकों की सूची बीपीएल कार्ड के लिए पात्र मानकर नगर निगम की साइट पर डाली जाएगी। एक सप्ताह के अंदर कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति व सुझाव नगर निगम ऑफिस में दे सकता है। इसके बाद सूची को कमेटी के सामने रखा जाएगा। इसके बाद कमेटी द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद पात्र परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए जाएंगे। कमेटी के अध्यक्ष डीसी हैं, जबकि एडीसी, एसडीएम, डीएफएससी, डीएसओ व निगम के सीपीओ इसके सदस्य हैं।
बीपीएल कार्ड के लिए निगम की तरफ से 1179 परिवारों की सूची ऑनलाइन डाली जा रही है। एक सप्ताह के अंदर कोई भी व्यक्ति अपना सुझाव व आपत्ति दर्ज करवा सकता है। इसके बाद कोई आपत्ति व सुझाव नहीं लिया जाएगा। निगम सूूची को डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने रख देगा। कमेटी द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद बीपीएल परिवारों की सूची फाइनल हो जाएगी।
जगदीश चंद्र, स्पेशल प्रोजेक्ट ऑफिसर नगर निगम।