रोहतक। औद्योगिक मॉडल टाउनशिप यानी आईएमटी में पानी की किल्लत हो चली है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए बोहर के पास बने जलघरों में केवल एक दिन का पानी शेष है। उद्योगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलने से उत्पादन पर संकट होना तय है। एक सप्ताह पहले रोजाना 120 लाख लीटर पानी की आपूर्ति आईएमटी में होती थी जो अब केवल 30 लाख लीटर ही रह गई है।
जलघर सूखने की कगार पर होने से मंगलवार को पानी मिलने पर संशय है। उद्यमियों का दावा है कि रोजाना केवल दो घंटे पानी मिल रहा है। पानी पर निर्भर अमूल आदि प्लांट में तो उत्पादन आधा हो चला है जबकि एनरिच एग्रो में उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हुआ है। आईएमटी में करीब 100 उद्योग हैं जहां पानी की कमी से समस्या हो चली है।
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गर्मी में पानी के साथ ही बिजली की किल्लत भी हो रही है। जनरेटर डीजल से चलाना पड़ता है जो महंगा पड़ता है। कंपनी को नुकसान हो रहा है।
-चंदन सिंह, एजीएम, क्रिस्टल प्रा. लि.।
उद्योगों में पानी की कमी है। 20 प्रतिशत उत्पादन कम हो रहा है। चंडीगढ़ में सिंचाई विभाग के एमडी से मिले पर कुछ दिन में पानी आने का आश्वासन दिया।
-विजय शरदा, वाइज प्रेसीडेंट प्रोसेस, एनरिच एग्रो।
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जलघरों से उद्योगों को अब 30 लाख लीटर से कम पानी मिल रहा है जबकि यहां 120 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन की आपूर्ति होती थी। उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
-जोगिंद्र नांदल, प्रधान आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन।
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आईएमटी के लिए बोहर के पास बने जलघरों में एक दिन का पानी शेष है। उद्योगों में पेयजल आपूर्ति एक चौथाई की है। नहरों में पानी आने पर राहत मिलेगी।
-राजीव डागर, कार्यकारी अभियंता, एचएसआईआईडीसी।
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प्लांट में रोजाना 20 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है जिससे 10 लाख लीटर दूध तैयार होता है। अब केवल 3 लाख लीटर पानी मिल रहा है। उत्पादन आधा होने लगा है।
-देवेंद्र पूनिया, हेड एचआर, अमूल प्लांट रोहतक।
25-बोहर के पास बने जलघरों में पानी की कमी । संवाद
25-बोहर के पास बने जलघरों में पानी की कमी । संवाद
25-बोहर के पास बने जलघरों में पानी की कमी । संवाद