माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। आईएमटी फायरिंग केस में प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मोनू डागर को पुलिस ने वीरवार को अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत के चलते वापस पंजाब की फरीदकोट जेल भेज दिया गया। उधर, फायरिंग के आरोपियों से मौके का मुआयना कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक दो फरवरी को भाई-चारा ट्रक यूनियन प्रधान जितेन्द्र निवासी गांव बलियाणा ने शिकायत दी थी कि उसके पास 31 दिसंबर और 17 जनवरी को अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मोनू डागर बताया। बोला, वह बिश्नोई गैंग से है। उसे ट्रांसपोर्ट के कारोबार में हिस्सेदारी चाहिए। जितेंद्र ने मना कर दिया, इसके चलते दो फरवरी को चार बाइक सवार कार्यालय में घुसे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में कार्यालय का मुंशी और एक ट्रक ड्राइवर घायल हो गए थे। पुलिस ने मोनू डागर को पंजाब की फरीदकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। मामले में पुलिस अब तक डागर सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। डागर से पुलिस ने फरीदकोट जेल से वह मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे ट्रक यूनियन के प्रधान जितेंद्र को कॉल की गई थी।