आईएमटी विस्फोट की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को पुलिस एनआईए के पास भेजेगी, ताकि यह पता लग सके कि इस तरह के विस्फोटक पदार्थ को मिलाकर कहां-कहां ऐसे धमाके किए गए हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी ऐसे लोगाें की तलाश की जाएगी, जहां इस तरह के विस्फोटक पदार्थ बेचे जाते हैं। आईएमटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है कि मामले की नए सिरे से जांच पड़ताल कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह से 16 दिन पहले 31 जुलाई की सुबह खरावड़ गांव के पास आईएमटी में एक नलके के पास धमाका हुआ था, जिसमें खरावड़ निवासी राजकुमार घायल हो गया था। धमाके से दिल्ली व चंडीगढ़ तक की सुरक्षा एजेंसी सतर्क हो गई थी। मामले की अब चार माह बाद फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विस्फोटक पदार्थ बनाने के लिए सल्फर, फास्फोरस व अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है। अगर पुलिस तीनों विस्फोटक पदार्थ के बिक्री केंद्र तक पहुंच गई तो बम बनाने व वहां रखने वाले का भी सुराग लग सकता है।