रोहतक। महिला खिलाड़ी का अपहरण कर दुष्कर्म के एक दिन पहले दोषी करार युवक संजय को एडीजे आरपी गोयल की अदालत ने 10 साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि अपहरण में संजय का साथ देने के दोषी करार युवक संदीप व धर्मेंद्र को पांच-पांच साल कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार जुलाई 2018 में एक युवक ने लाखनमाजरा थाने में शिकायत दी कि उसकी 17 वर्षीय भतीजी 11वीं कक्षा में पढ़ती थी, जो घर से स्कूल गई, लेकिन छुट्टी के बाद लौटी नहीं। बाद में पता चला कि उसकी भतीजी को संजय, संदीप व धर्मेंद्र नाम का युवक अपहरण करके ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू की तो उसे हरिद्वार से बरामद किया गया। इसके बाद उसके अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। इसके बाद केस में अंदर आईपीसी की धारा 376, 8 व 8 पोस्को एक्ट जोड़ा गया। इसके बाद मेडिकल जांच के बाद लड़की को परिजनों के हवाले कर दिया गया। साथ ही आरोपी संजय को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि वारदात में संदीप व धर्मेंद्र नाम के युवक भी शामिल हैं। धर्मेंद्र की कार से नाबालिग युवती का अपहरण किया गया। पुलिस ने धर्मेंद्र व संदीप को भी गिरफ्तार कर लिया।
गवाही देने नहीं पहुंची नाबालिग, फिर भी अदालत ने माना आरोपियों को दोषी
बचाव पक्ष के वकील जसबीर कुंडू ने बताया कि मामले की 2 साल अदालत में सुनवाई चली। वे धर्मेंद्र की तरफ से अदालत में पेश हुए। केस की सुनवाई के दौरान गवाही नहीं हो सकी। बावजूद इसके अदालत ने पूर्व में जज के सामने दिए पीड़िता के बयान व दूसरे तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था, जिनके वीरवार को सजा सुनाई गई।