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दो करोड़ की चरस तस्करी के तीन दोषियों को 20-20 साल की कैद

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19 माह पहले बिहार से 92 किलोग्राम चरस लेकर रोहतक के रास्ते भिवानी लेकर जा रहे तीन तस्करों को अदालत ने शुक्त्रस्वार को 20 - 20 साल कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सजा पाने वालों में बिहार के गोपालगंज निवासी आश कुमार व रामजी यादव और भिवानी के प्रेम नगर निवासी बलजीत सिंह शामिल है। जबकि चौथे आरोपी बिहार निवासी मिनिस्टर शाह को अदालत पहले ही साक्ष्य के अभाव में बरी कर चुकी है।
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मामले के अनुसार फरवरी 2018 में सीआईए पुलिस के एएसआई पंकज कुमार को सूचना मिली थी कि यूपी नंबर की पिकअप गाड़ी में भारी मात्रा में चरस बिहार से रोहतक के रास्ते भिवानी के प्रेमनगर में भेजी जा रही है।
इसके बाद एएसआई ने टीम बनाकर कलानौर थाना एरिया में मोखरा मोड़ पर नाकेबंदी कर दी। इसके बाद रोहतक की तरफ से पिकअप नंबर यूपी 52ई -9174 को रुकवाकर तलाशी ली त उससे पुलिस को भारी मात्रा में चरस बरामद हुई थी। एएसआई पंकज कुमार ने कलानौर थाना एरिया में मोखरा मोड़ पर नाका लगाकर वाहनों की जांच पड़ताल शुरू कर दी। जैसे ही यूपी नंबर की पिकअप गाड़ी आई। उसे रुकवाकर तलाशी ली तो गाड़ी में कट्टे में संदिग्ध नशीला पदार्थ्?ा मिला। इसके बाद डीएसपी को सूचना दी कि एक गाड़ी से कट्टे में 92 किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 2 करोड़ के करीब हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। एडीजे जसबीर सिंह की अदालत ने एक दिन पहले एक आरोपी बिहार निवासी मिनिस्टर शाह को बरी कर दिया। उस पर आरोप था कि उसने ही माल बिहार से भिवानी भेजा है। हालांकि पुलिस ऐसे तथ्य अदालत में पेश नहीं कर सकी, जिससे उस पर लगा आरोप साबित हो जाए। जबकि तीनों आरोपियों आश कुमार, रामजी यादव व बलजीत सिंह के कब्जे से भारी मात्रा में चरस बरामद की थी। ऐसे में कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए 20-20 साल की कैद, एक-एक लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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पुलिस रिकार्ड के मुताबिक बिहार निवासी आश कुमार, रामजी यादव व भिवानी के प्रेम नगर निवासी बलजीत सिंह यह साबित नहीं कर सके कि वे निर्दोष हैं। दूसरा बचाव पक्ष यह भी नहीं बता सका कि इतनी भारी मात्रा में चरस कहां से आई। कहां लेकर जा रहे थे। उनका उद्देश्य क्या था। ऐसे में साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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