रोहतक। समग्र शिक्षा हरियाणा के अंतर्गत कार्य शिक्षा अनुदेशकों एवं एपीसी-4 के लिए आयोजित तीन दिवसीय आवासीय सांस्कृतिक कार्यशाला का बुधवार को समापन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम कला और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं व शिक्षक प्रशिक्षण के पश्चात इन गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करें।
जिला परियोजना समन्वयक एवं कार्यक्रम के मुख्य आयोजक दिलजीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में सांस्कृतिक कौशल, सृजनात्मक सोच एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करती हैं व शिक्षकों के माध्यम से यह प्रभाव सीधे सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगा।
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इसमें राज्य के 11 जिलों से आए शिक्षा अनुदेशक एवं एपीसी-4 ने भाग लिया जहां नृत्य, नाटक, कला एवं शिल्प तथा संगीत जैसी विविध सांस्कृतिक गतिविधियों पर आधारित प्रशिक्षण एवं प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इस दौरान प्रतिभागियों में सीखने और नवाचार को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक सुरेंद्र दहिया रहे जबकि राजेश मलिक सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समग्र शिक्षा की पूरी टीम ने बेहतरीन समन्वय के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया। उन्होंने बताया कि 8 जनवरी से रोहतक में अगले चरण के अंतर्गत राज्य के अन्य 11 जिलों के प्रतिभागी इसमें भाग लेंगे।