रोहतक। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय व हरियाणा शाखा के आह्वान पर शुक्रवार आईएमए रोहतक के सदस्यों ने केंद्र सरकार की मिक्सोपैथी नीति के विरोध में सुबह छह बजे से सायं छह बजे तक पैन डाउन हड़ताल रखी। एमएमए कार्यालय में डॉक्टरों ने एकत्रित हो कर भारत सरकार की नई नीति का विरोध किया और इसे मरीजों के लिए घातक बताया। डॉक्टरों ने बैनर व प्ले कार्ड के माध्यम से मार्च प्रदर्शन किया। ओपीडी बंद होने से पूरे दिन मरीज भटकते रहे।
आईएमए के डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए मास्क, सैनिटाइजर के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने कहा कि केंद्र सरकार ने मिक्सोपैथी पॉलिसी के तहत आयुष के चिकित्सकों को केवल 2-3 वर्ष की ट्रेनिंग देकर आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा की 58 प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति दी है। आईएमए एक संगठन के रूप में आयुर्वेदिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के खिलाफ नहीं है। लेकिन हमारा मानना है कि आयुर्वेद हमारे देश में युगों से चली आ रही एक प्रासंगिक और उपयोगी चिकित्सा विज्ञान है। इसे पनपने और प्रगति के लिए आधुनिक चिकित्सा की बैसाखी की जरूरत नहीं है। लेकिन आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए अधिक शोध की जरूरत है ताकि इस विद्या को अधिक प्रासंगिक बनाया जा सके। आधुनिक युग में हमारा मानना है कि लंबे समय में किए गए अनुसंधान के साथ विकसित की गई अवधारणाओं के अनुसार सभी चिकित्सक अपनी चिकित्सा पद्धति में काम करते हैं। मिक्सोपैथी या क्रॉसपैथी का अर्थ है विभिन्न पैथियों की अवधारणाओं को मिलाना जो हमारे देश में स्वास्थ्य देखभाल की प्रणाली के साथ खिलवाड़ होगा और रोगियों के लिए भ्रम पैदा करेंगा। इस अवसर पर आईएमए रोहतक के प्रधान डॉ. आशीष गोयल, वरिष्ठ संरक्षक डॉ. एसएल वर्मा, संरक्षक डॉ. आरके चौधरी, वरिष्ठ सदस्य डॉ. सतीश गुलाटी, डॉ. अजय गर्ग, डॉ. दिनेश खोसला, डॉ. एसके मोडा, डॉ. एनके मग्गू, डॉ. देवंदर सांगवान, डॉ. रविन्दर हूड्डा, डॉ. मानवीर सांगवान, डॉ. सुनील मुन्जाल, डॉ. परवीन गर्ग, डॉ. आरके परुथी, डॉ. अशोक मित्तल, डॉ. आरएस बामल, डॉ. केएन गर्ग, डॉ. रमेश नांदल, डॉ. शैलेंद्र अग्रवाल, डॉ. सुशील जैन आदि मौजूद रहे।
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नीमा ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा धन्यवाद पत्र
फोटो सहित एसएनजे एक
रोहतक। नेशनल इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के डॉक्टरों ने शुक्रवार संरक्षक डॉ. एसएम कौशिक की अध्यक्षता में मानसरोवर पार्क में बैठक की और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय आयुष मंत्रालय व सीसीआईएम का धन्यवाद किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. संजीव मदान ने कहा कि सरकार ने भारतीय चिकित्सा की एक बड़ी जरूरत पूरी की है और आम आदमी तक अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में पहल की है। नीमा ने आईएमए की ओर से नोटिफिकेशन का विरोध करने पर दुख व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष डॉ. डीएस मोर ने कहा कि नीमा के सभी सदस्य उम्मीद में थे कि आयुष में सर्जरी के डाक्टरों का आईएमए के सर्जन उनका स्वागत करेंगे और कई सालों से कार्यरत व अधिक अनुभव के रहते नए बीएएमएस सर्जन का मार्गदर्शन करेंगे। लेकिन इसका उल्टा हुआ। हम आईएमए के सभी सदस्यों का सम्मान करते हैं और उनसे अनुरोध करते हैं कि वे इन बेतुके बयानों व विरोध से आपस के मान-सम्मान को कम ना करें। हमें आयुर्वेद और एलोपैथी को एक-दूसरे का पूरक बनाकर रोगियों व समाज की सेवा कर अपना धर्म निभाना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य रूप से सचिव डॉ. सिद्धार्थ, कोषाध्यक्ष डॉ. संदीप वासन, वुमन फोरम की प्रधान सुनीता मग्गू, उपप्रधान डॉ. सुमन मोर, डॉ. ममता शर्मा सहित अनेक बीएएमएस डॉक्टर मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल में एचसीएमएस ने किया समर्थन
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन ने शुक्रवार को आईएमए का समर्थन करते हुए कहा कि आयुर्वेद के डॉक्टरों को सर्जरी करने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ऐसी नीति बना कर मरीजों का जीवन खतरे में डाल रही है। एसोसिएशन ने गेट मीटिंग की और इसमें सीसीआईएम के नोटिफिकेशन का विरोध किया है। विरोध प्रदर्शन एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार के नेतृत्व में किया गया।