जसिया गांव में रविवार को जाट समुदाय के लोगों ने बैठक की। बैठक के दौरान प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी और जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाया। बैठक में फैसला लिया गया कि यशपाल मलिक को हरियाणा में घुसने नहीं दिया जाएगा। वहीं इस बारे में यशपाल मलिक का कहना है कि वे कल भी यहां थे, आज भी सोनीपत में हैं।
गांव के पवन जसिया ने बताया कि बैठक में कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में फंसे युवाओं को मदद न मिल पाने पर चर्चा कर आरक्षण आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यशपाल मलिक ने जेल में बंद बच्चों को छुड़ाने के लिए चंदा एकत्रित किया। मलिक ने सरकार के साथ मिलक र अपने केस तो हटवा लिए मगर अन्य मामलों के लिए कुछ नहीं किया। इस मौके पर वेद प्रकाश आर्य, तपा प्रधान राम किशन मोखरा, राजा मोखरा, सतगाम प्रधान प्रीत बालंद, विजय टिटौली, रिषी सरपंच सिंहपुरा, दिलबाग, जसबीर किलोई, जय भगवान गद्दी खेड़ी, राज सरपंच, पवन जसिया, जसबीर रणबीर, प्रधान जितेंद्र राठी, रणबीर आदि रहे।
यशपाल मलिक ने सरकार से मिलकर जाट बिरादरी के लोगों को गुमराह किया है। उन्होंने अपने ऊपर दर्ज केस तो सरकार से वापस करवा लिया मगर अन्य लोगों पर दर्ज मामले में कुछ नहीं कराया। समाज के लोग उन्हें हरियाणा में प्रवेश नहीं करने देंगे।
- पवन कुमार जसिया।
जाट सभा के लोग कैप्टन अभिमन्यु के खिलाफ या सरकार के खिलाफ क्यों नहीं बोलते हैं। हरियाणा में वह कल भी थे और आज सोनीपत में है।
- यशपाल मलिक , राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट संघर्ष समिति।