सुनारिया रोड स्थित मानव रचना ग्लोबल स्कूल के ग्राउंड में बुधवार दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में फुटबाल गोल पोस्ट के नीचे दबकर आठवीं कक्षा का छात्र निखिल (13) गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ हालत में स्कूल प्रबंधन उसे तुरंत पीजीआई ट्रॉमा सेंटर लेकर गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्कूल प्रबंधन के हादसे के दावे के विपरीत निखिल की मां ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी है। हालांकि थाना प्रभारी दिलबाग सिंह का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्राचार्य धर्मवीर ने मीडिया को इसे हादसा बताते हुए कहा कि स्कूल के ग्राउंड में फुटबाल का गोलपोस्ट लगा हुआ है, जिसके इर्द-गिर्द आधी छुट्टी के दौरान काफी बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान गोल पोस्ट निखिल पर आ गिरा और हादसे में उसकी मौत हो गई। वहीं रोती-बिलखती पीजीआई पहुंची मां कविता ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और हत्या का आरोप लगाया। मां ने कहा कि स्कूल में निखिल के साथ 4 दिन पहले भी मारपीट हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने रंजिशन उसके बेटे की हत्या की है। यह भी सवाल उठाया कि अगर स्कूल प्रशासन को पता था कि गोल पोस्ट बिना किसी सपोर्ट के जमीन पर रखा हुआ है तो समय रहते इसकी सही व्यवस्था क्यों नहीं की गई। हादसे की सूचना मिलने पर स्कूल में थाना प्रभारी दिलबाग सिंह एफएसएल टीम के साथ पहुंचे। मौके से सुबूत जुटाए।
बच्चे के शव को शवगृह में रखवा दिया गया है। वीरवार को परिजनों के बयान लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। साथ ही शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- दिलबाग सिंह, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी।
मृतक के पिता बीएसएफ में हवलदार
निखिल के पिता कुलदीप बीएसएफ में हवलदार हैं। वह ओडिशा में तैनात हैं। हादसे की सूचना मिलते ही वह वहां से रोहतक के लिए रवाना हो गए।
भाई के मुंह से खून निकलता देख, मैं रोने लगी : बहन रौनक
हादसे के वक्त मैं भी ग्राउंड में खेल रही थी, लेकिन जब भाई गोल पोस्ट के नीचे दबा, उस वक्त मैं अपनी सहेलियों के साथ ग्राउंड के दूसरी ओर थी। भाई के चोट लगने की बात मुझे सहेलियों ने बताया। वहां गई तो देखा कि भाई के मुंह से खून निकल रहा था और उसे डॉक्टर के पास ले जाने की तैयारी कर रहे थे। भाई को ऐसी हालत में देखते ही मैं जोर-जोर से रोने लग गई।
- रौनक, निखिल की छोटी बहन
पढ़ाई में होशियार था निखिल
मां कविता ने बताया कि निखिल (13) बड़ा बेटा था। छोटी बेटी रौनक (12) है। वह भी तीन साल से उसी स्कूल में पढ़ती है। निखिल पढ़ाई में बहुत होशियार था। वह हर बार अपने पिता को क्लास में फर्स्ट आने की बात कहता था। मां के अनुसार निखिल अक्सर फर्स्ट डिविजन से ही पास होता था।
पीजीआई के ट्रामा सेंटर के बाहर निखिल की मौत की सूचना के बाद गमजदा दादा और परिवार के सदस्य।--अमर उज?
पीजीआई के ट्रामा सेंटर के बाहर गुमसुम बैठी निखिल की छोटी बहन रौनक। अमर उजाला
पीजीआई के ट्रामा सेंटर के बाहर गमजदा बैठी निखिल की मां कविता साथ में परिवार की अन्य महिलाएं। अमर
मृतक छात्र निखिल----फाइल फोटो