सीआईए-1 में हुई घटना दोबारा न हो, इसके लिए आईजी कार्यालय में शुक्रवार
को ‘मन की शांति सभा’ हुई। सभा में कुछ पुलिस कर्मियों ने गीतों के माध्यम
से आईजी का ही गुणगान कर दिया। मन की शांति और अवसाद से बचने के लिए पुलिस
कर्मियों ने भजन की जगह आईजी की गौसेवा से जुड़ा गीत प्रस्तुत कर किया।
यही
नहीं, अन्य पुलिसकर्मी इस गीत भी झूमे भी। गाने ‘है मन्ने दैख्खा आईजी
साहब ने गाउवो का मान बढ़ाया..., ‘पुलिस-पब्लिक में मेल बढ़ाया...’ के
माध्यम से गायों की भलाई के लिए किए गए आईजी के कार्यों को पेश किया गया।
यूं चला कार्यक्रम
कौन
है हिमायती तेरे बिना मेरी सुन ले टेर कन्हैया... यह भजन किसी मंदिर या
सत्संग में नहीं बल्कि आईजी ऑफिस में सैकड़ों पुलिस कर्मियों के बीच पुलिस
वाले ही गा रहे थे। वह भी आईजी श्रीकांत जाधव की मौजूदगी में। यह सब इसलिए
हुआ कि पुलिस कर्मियों को दिनभर की भागदौड़ से दूर एक दिन के लिए मन की
शांति मिल सके। यह गीत एएसआई सतीश कुमार ने प्रस्तुत किया।
‘इतनी शक्ति हमें देना दाता...’
पुलिस
कर्मियों और स्कूली बच्चों के बीच आईजी श्रीकांत जाधव ने भी उन्हें
प्रेरणा देने वाला अपना पसंदीदा गाना ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता कि मन का
विश्वास कमजोर हो ना...’ गुनगुनाया। करीब एक घंटे तक आईजी कार्यालय तालियों
की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
इंस्पेक्टर अनूप सिंह सम्मानित
कार्यक्रम
के बीच में ही सेवाओं को लेकर राष्ट्रपति से सम्मान पाने वाले आईजी ऑफिस
में तैनात इंस्पेक्टर अनूप सिंह को सम्मानित किया गया। आईजी श्रीकांत जाधव
ने उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।