फोटो 01 कैंटीन में आटा लगाती व रोटियां सेंकती महिलाएं। संवाद
नारनौल। जहां आम से आम जगह पर भी एक व्यक्ति का 100 रुपये में भी पेट नहीं भरता, वहीं गांव कटकई की 8 महिलाओं का समूह मात्र 10 रुपये में गरीब मजदूर व किसानों को भरपेट खाना खिला रही हैं। यही नहीं यहां पर दाल चावल तो मिलेंगे ही साथ ही रोजाना सीजन की एक नई सब्जी व रोटियां भी परोसी जाएंगी।
अटेली की अटल कैंटीन जिले में खुलने वाली सबसे पहली हैं जिसने मजदूरों को 10 रुपये में भोजन कराना शुरू किया था। इसके बाद नारनौल और हाल ही में महेंद्रगढ़ में अटल कैंटीन की शुरूआत हो चुकी है।
कैंटीन की प्रबंधक मधु कुमारी ने बताया कि गरीब मजदूर व किसानों के लिए 23 अक्तूबर 2020 को अनाज मंडी में अटल कैंटीन की शुरूआत की गई थी। इसमें उनके साथ गांव की ही अन्य 7 महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं जो यहां पर बाजार से सब्जी, आटा व मसाले आदि से लेकर भोजन तैयार करने का काम करती हैं।
टोकन कटाओ भोजन पाओ
कैंटीन में भोजन की थाली प्राप्त करने के लिए सबसे पहले 10 रुपये का एक टोकन लेना होता है। उस टोकन को देने के बाद ही आपको खाने की थाली दी जाएगी। इस थाली में दाल चावल के अलावा एक सूखी सब्जी व चार रोटी दी जाती हैं।
सीजन में 300 तक पहुंच जाती है संख्या
मधु कुमारी ने बताया कि सीजन के दौरान कैंटीन में खाना खाने वालों की संख्या करीब 300 तक पहुंच जाती है जबकि आम दिनों में 50 से 60 मजदूर कैंटीन में भोजन करने के लिए आते हैं। महिलाओं को इसके लिए 7000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता है।
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इस समूह में एक महिला है जिनका नाम सावित्री है। सावित्री पढ़ी लिखी नहीं है और विधवा हैं। साथ ही इनके कोई संतान भी नहीं है और वह एकदम अकेली हें। ऐसे में सावित्री का घर का खर्च इसी काम से चल रहा है।