फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: 10 रुपये में भरपेट खाना चाहिए तो अनाज मंडी रोहतक आइए

विज्ञापन
15- कैंटीन में रोटी बनाती महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। जहां एक ओर महंगाई के दौर में भोजन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उस दौर में कलानौर ब्लॉक की महिलाओं ने अपनी मेहनत और एकजुटता से एक ऐसी मिसाल पेश की है। जो न सिर्फ किसानों का पेट भर रही हैं बल्कि उनकी अपनी जिंदगी भी संवार रही हैं। अनाज मंडी रोहतक में संचालित यह सामूहिक कैंटीन जरूरतमंद किसानों को 10 रुपये में भरपेट भोजन करा रही है।
विज्ञापन


रितु ने बताया कि कैंटीन में किसानों को मात्र 10 रुपये में 4 रोटी, दाल, चावल और सब्जी की थाली दी जाती है। सरकार की ओर से प्रति थाली 15 रुपये की सब्सिडी भी मिलती है जिससे यह योजना सुचारू रूप से चल रही है। सामान्य दिनों में करीब 250 थालियां तैयार की जाती हैं।
गेहूं और धान के सीजन में यह संख्या बढ़कर 300 तक पहुंच जाती है। किसानों के लिए यह कैंटीन सस्ती और स्वादिष्ट भोजन का भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। समूह की सदस्य आशा ने बताया कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं लेकिन इस काम से वह घर चला रही हैं। महिलाओं का कहना है कि खाना बनाने का हुनर ही अब उनके लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता का जरिया बन गया है।
विज्ञापन



सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर बदली जिंदगी
इस कैंटीन का संचालन सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं कर रही हैं जिनमें पटवापुर, आवल और निंगाना गांव की महिलाएं शामिल हैं। रितु के नेतृत्व में अन्नु, प्रमिला, आशा, निर्मला, सुदेश, कविता, रितु, मुगली और सुनीता सहित 10 महिलाएं मिलकर इस पहल को सफल बना रही हैं।



सुबह 8 बजे से शुरू होती है मेहनत
महिलाएं रोजाना सुबह 8 बजे मंडी पहुंच जाती हैं और मिल-जुलकर खाना बनाने की तैयारी शुरू करती हैं। राशन लाना, सब्जी काटना, रोटी बनाना, गैस सिलेंडर का इंतजाम और हिसाब-किताब तक सभी काम आपस में बांटकर करती हैं। किसानों को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक खाना परोसा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें