रोहतक। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रतिपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों की अगर कांग्रेस में आस्था नहीं है तो वे इस्तीफा देकर जनता के बीच चले जाएं। हकीकत का पता चल जाएगा।
सोमवार को डी पार्क स्थित आवास पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने कहा कि पांचों विधायकों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स नाराज नहीं हैं। ये तो मीडिया की उपज है।
घोटालों को दबाने के लिए एसआईटी बना रही सरकार
भाजपा को घेरते हुए हुड्डा ने कहा कि प्रदेश की सरकार हर मामले में विफल है। लगातार घोटाले हो रहे हैं। इन घोटालों को दबाने के लिए सरकार एसआईटी गठन कर देती है। इसके बाद कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया जाता। प्रदेश कानून व्यवस्था के मामले में असुरक्षित राज्य बन चुका है।
बेमौसमी बारिश से किसानों को नुकसान, मुआवजा दे सरकार
पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि पिछले दिनों रुक-रुककर हो रही बेमौसमी बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सरकार को तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को सहूलियत देने के बजाय भाजपा सरकार उन्हें परेशान कर रही है। फसल खरीद के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं, जैसे कि केवल वही किसान अपनी फसल मंडी में ला सकता है जिनका नाम पोर्टल पर चढ़ा हो (यानी जमीन जिनके नाम पर है)। किसान परिवारों में अक्सर परिवार के किसी भी सदस्य को मंडी में जाने की जिम्मेदारी दे दी जाती है। कई जगह जमीन परिवार की महिलाओं के नाम पर होती है तो वे ट्रैक्टर चलाकर मंडी कैसे आएंगी और कई दिनों तक फसल खरीद का इंतजार कैसे करेंगी?
हुड्डा ने कहा कि आलू खरीद में बड़ा घोटाला हुआ है जिसके कारण 50 पैसे प्रति किलो के रेट पर आलू पिटा है। इसी तरह धान खरीद में भी घोटाला हुआ लेकिन सिर्फ छोटे कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है जबकि घोटाले के असली दोषी उच्च पदों पर बैठे लोग हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में ताबड़तोड़ घोटाले हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण
बतरा बोले-भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के नामांकन में थीं त्रुटियां, हुड्डा ने आपत्ति जताने से रोक दिया
रोहतक शहर से कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि 2020 में कांग्रेस से दीपेंद्र हुड्डा व भाजपा से रामचंद्र जांगड़ा राज्यसभा चुनाव में उतरे थे। दीपेंद्र हुड्डा की जीत तय थी। जांच में पता चला कि जांगड़ा के नामांकन फाॅर्म में त्रुटियां हैं। न तो प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा दिया था और न ही नौकरी का जिक्र किया था। मैंने आपत्ति उठाई तो पूर्व सीएम ने रोक दिया था क्योंकि हुड्डा मर्यादा में रहकर राजनीति करते हैं।
फार्म में नहीं थी कोई कमी : जांगड़ा
भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा का कहना है कि उनके फाॅर्म में कोई कमी नहीं थी। मैं कभी सरकारी नौकरी में नहीं रहा। उस समय कांग्रेस ने बात जरूर उठाई थी लेकिन मैंने कह दिया था कि अगर नामांकन पर सवाल उठाते हो तो मैं दीपेंद्र हुड्डा का नामांकन निकलवा लूंगा। इसके बाद कांग्रेसी चुप हो गए थे।