रोहतक। भूगोल (जियोग्राफी) को समझने का सबसे आसान और वैज्ञानिक तरीका इसे रटने के बजाय विजुअलाइज (दृश्यमान) करना है। भूगोल पृथ्वी के भौतिक और सांस्कृतिक वातावरण का अध्ययन है।
इसे सीखने के लिए मानचित्रों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों का उपयोग सबसे प्रभावी माना जाता है। यह लागू करके विद्यार्थी मुख्य अध्याय पढ़ेगा तो अच्छे अंक हासिल कर सकता है। यह कहना है राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिसार रोड के भूगोल प्रवक्ता सत्यनारायण स्वामी का।
स्वामी का कहना है कि भूगोल को आसान बनाने के लिए सरल और व्यावहारिक तरीके अपनाने चाहिए। मानचित्र (मैप) को आधार बनाएं। मानचित्रों के माध्यम से पढ़ना सबसे सरल तरीका है क्योंकि यह जानकारी को मस्तिष्क में लंबे समय तक बनाए रखता है।
किसी भी देश, नदी या पर्वत के बारे में पढ़ते समय उसे एटलस पर जरूर देखें। खाली मैप पर स्वयं स्थानों को अंकित करने का अभ्यास करें। विश्व का मानचित्र बनाने का अभ्यास बहुत मददगार साबित होता है।
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क्यों और कैसे के आधार पर पढ़ें
प्रवक्ता सत्यनारायण स्वामी बताते हैं कि भूगोल में किसी तथ्य को रटने के बजाय उसके पीछे का कारण समझें। उदाहरण के लिए सूर्य के पास के ग्रह ठोस (टेरेस्टेरियल) क्यों हैं और दूर के ग्रह गैसीय क्यों? क्योंकि सूर्य की गर्मी से हल्की गैसें दूर चली गईं। पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने के लिए चित्रों और तालिकाओं (टैबल्स) का उपयोग करें जिससे क्रस्ट, मेंटल व कोर के बीच अंतर स्पष्ट हो सके। व्यावहारिक तरीकों का उपयोग करें। भौगोलिक तथ्यों को एक यात्रा वृत्तांत या कहानी की तरह समझें। जैसे किसी नदी के उद्गम से मुहाने तक की यात्रा को एक कहानी की तरह पढ़ना याद रखना आसान बनाता है। भूकंप, चक्रवात या जलवायु परिवर्तन जैसी समसामयिक घटनाओं को भूगोल के सिद्धांतों के साथ जोड़कर पढ़ें।
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मानव भूगोल के मूल सिद्धांत किताब की दो यूनिट पढ़ने से मिलेंगे 19 अंक
भूगोल प्रवक्ता सत्यनारायण स्वामी बताते हैं कि मानव भूगोल के मूल सिद्धांत किताब की यूनिट दो के विश्व जनसंख्या, वितरण घनत्व एवं वृद्धि अध्याय व मानव विकास अध्याय 10 अंक के प्रश्न आते हैं। यूनिट तीन के प्राथमिक क्रियाएं, द्वितीयक क्रियाएं, तृतीयक एवं चतुर्थक क्रियाकलाप, परिवहन एवं संचार व अंतरराष्ट्रीय व्यापार अध्याय से 9 अंक के लिए प्रश्न आते हैं। वहीं भारत के लोग और अर्थव्यवस्था किताब की यूनिट तीन से भू-संसाधन तथा कृषि, जल संसाधन, खनिज संसाधन और भारत के संदर्भ में नियोजन और सततपोषणीय अध्याय से 10 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं।