माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। जनस्वास्थ्य विभाग अगर जलघरों और बूस्टिंग स्टेशन की सफाई करा दे तो शहर की जलापूर्ति की समस्या बहुत हद तक कम हो सकती है। हर महीने बीएसबी और जेएलएन नहर सूखने के बाद 8 दिन तक टैंकों में भंडारण किए गए पानी से शहरभर को राशनिंग की जाती है।
नहर देरी से आने के कारण कई क्षेत्रों में एक टाइम पानी की राशनिंग भी संभव नहीं हो पाती है। ऐसी परिस्थिति में अगर बूस्टरों व जलघरों में जमी गाद की सफाई करा दी जाए तो लाखों लीटर पानी का भंडारण किया जा सकता है। इससे शहरवासियों को पेयजल किल्लत से राहत मिल सकती है। शहर में 32 बूस्टिंग स्टेशन हैं।
इन बूस्टिंग स्टेशन पर जल आपूर्ति जनस्वास्थ्य विभाग के चार जलघरों (मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी और सोनीपत रोड) से किया जाता है। इसके बाद घरों में आपूर्ति की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जाने वाले जन शिकायत शिविर में बूस्टर की टंकियों को साफ करने की शिकायत दर्ज कराते हैं, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया है।
यहां से होती है जलापूर्ति : गोहाना अड्डा बूस्टिंग स्टेशन, सीआर बूस्टिंग स्टेशन, जलघर द्वितीय पॉकेट-1, जलघर द्वितीय पॉकेट-2, प्रेम नगर बूस्टिंग स्टेशन, देव कॉलोनी बूस्टिंग स्टेशन, सिटी पार्क बूस्टिंग स्टेशन, टीबी अस्पताल बूस्टिंग स्टेशन, जलघर द्वितीय पॉकेट-3, डेयरी मोहल्ला बूस्टिंग स्टेशन, हैफेड बूस्टिंग स्टेशन, शुगर मिल बूस्टिंग स्टेशन, प्रथम जलघर, राम जौहड़ी बूस्टिंग स्टेशन, जींद चौक बूस्टिंग स्टेशन, आईटीआई बूस्टिंग स्टेशन, एचएसआईआईडीसी बूस्टिंग स्टेशन, मॉडल टाउन बूस्टिंग स्टेशन, गोकरण बूस्टिंग स्टेशन, पहरावर बूस्टिंग स्टेशन, इंद्रा कॉलोनी, आईएमटी चौक, गढ़ी बोहर बूस्टिंग स्टेशन, बलियाना वाटर वर्क्स आदि से जलापूर्ति की जाती है।