जब चार दिन तक शहर लुटता और जलता रहा, तब न पुलिस-प्रशासन दिखाई दिया और न
ही सीएम। अब इतना कुछ होने के बावजूद उपद्रव करने वालों पर कार्रवाई नहीं
हो रही है, जिससे उनका हौसला बुलंद हो गया है। इससे उनके उद्योगों व
व्यापार को खतरा बढ़ गया है। अब प्रदेशवासियों के सामने रोजगार का भी संकट
पैदा हो गया है। बड़े-बड़े उद्योगों से प्रदेश से बाहर जाने के खतरे ने
चिंता बढ़ा दी है। रोहतक में खाक हुए कई कार एजेंसी, मॉल, होटल और शोरूम
में हजारों स्थानीय लोग नौकरी करते थे। लेकिन अब उनके सामने रोजगार को संकट
खड़ा हो गया है।
हरियाणा ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा शहर के
उद्यमी और व्यापारी बुधवार को मित्तल ऑटोमोबाइल्स में इक्ट्ठा हुए। यहां
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जगमोहन मित्तल ने कहा कि हरियाणा में सबसे
ज्यादा नौकरी ऑटोमोबाइल्स से मिल रही है और उनमें कोई जातिवाद नहीं किया
जाता है। लेकिन नेताओं व अधिकारियों ने ऐसा जातिवाद फैलाया कि उद्योग और
व्यापार तबाह हो गए। जिस समय उद्योगों व प्रतिष्ठानों को आग लगाई जा रही
थी, उनको लूटा जा रहा था तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को फोन किया गया।
लेकिन किसी ने बचाने की जहमत नहीं उठाई। यह पूरी तरह से सरकार की नाकामी
है।
सरकार हमें सुरक्षा तक नहीं दे सकती और यहां उद्योग लगाने की बात करती
है। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में उपद्रवियों ने कोई छोटा
नुकसान नहीं किया है। उद्यमियों व ऑटोमोबाइल्स व्यापारियों का 200 करोड़
रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। अब ऐसे हालात में हरियाणा के अंदर
उद्योग लगाना तो दूर, उनको बचाकर रखना भी मुश्किल है।
जगमोहन मित्तल के
अनुसार अगर प्रदेश में सुरक्षा नहीं मिलती है तो वे यहां से चले जाएंगे। हम
सभी उस प्रदेश में उद्योग लगाकर व्यापार शुरू करेंगे, जहां उनको सुरक्षा
का भरोसा दिया जाएगा। बधवार ऑटो लिमिटेड के एमडी डी. एस. बधवार ने कहा कि
अगर सरकार को नुकसान की भरपाई करनी है तो वह सर्वे से पहले ही 50 प्रतिशत
भरपाई करे और बाकी 50 प्रतिशत को सर्वे व जांच के बाद दे। जिससे वे अपने
उद्योग व व्यापार को दोबारा से शुरू कर सकें। इस दौरान जगमोहन मित्तल के
सीईओ कमल मित्तल, सृष्टि हुंडई के एमडी राकेश जैन, एस. के. जैन टीवीएस के
विवेक जैन, माइक्रो प्रीसीशन स्क्रूस लिमिटेड के रूमेश विग, लोचब मोटर्स के
जितेश लोचब, राज मोटर्स के अशोक दलाल, सुनील कालरा, अरविन भाटिया, लखपत
बल्हारा और नीरज सचदेवा मौजूद रहे।
उद्योग में कौन लगाएगा रुपये, उद्यमी नहीं जाएंगे समिट में
मित्तल
ने कहा कि सरकार गुड़गांव में 7-8 मार्च तक हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल
इनवेस्टमेंट समिट कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस हरियाणा में
उद्योग व व्यापार ही सुरक्षित नहीं है, वहां उद्योग में रुपये कौन लगाएगा?
उनके अनुसार इस समिट में उद्योगपति व व्यापारी नहीं जाएंगे और इसके लिए
अन्य लोगों से बातचीत भी की जाएगी।