‘जब लगा था तीर तब इतना दर्द न हुआ गालिब, जख्म का अहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनों के हाथों में’। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव बुधवार शाम को शहर में दंगा पीड़ितों को मरहम लगाने पहुंचे। शायरी की इन पंक्तियों से उन्होंने भाजपा और इनेलो पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी अमित शाह का फार्मूला लागू किया गया है। जाट और गैर जाट को भिड़ा दिया गया। पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार को फेल बताते हुए कहा कि इनके विधायक ही कह रहे हैं कि साजिश हुई है। यदि जाटों को आरक्षण देना है तो संसद में संवैधानिक संशोधन होना चाहिए। अकेले जाटों का आरक्षण देने से अन्य जातियां कहां जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की जरूरत है। गृह मंत्री कह रहे हैं कि वे आरक्षण देंगे, तो क्या वे रेल की पटरी पर बैठने या तोड़फोड़ और आगजनी करने वालों को देंगे। आरक्षण सबको मिलना चाहिए।
आर्थिक आधार पर 20 फीसदी के लिए संवैधानिक संशोधन किया जाना चाहिए। 27 और 20 फीसदी में तो मतलब ही नहीं बनता। बाकी जातियों ने क्या भैंस को हाथ लगा रखा है। ये तरीका गलत है और परिपाटी भी गलत है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सेना को भेजा गया तो हाथ बांध कर। धारा 144, कर्फ्यू व सेना तक का मजाक बना कर लोगों के दिल से भय निकाल दिया गया है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रोफेसर विरेंद्र सिंह के विवादित ऑडियो टेप उन्होंने कहा कि अपराधी की न जाति होती है और न ही पार्टी।
सरकार प्रमाणित कर दे कि प्रोफेसर की दंगों में संलिप्ता है तो वे खुद पार्टी आलाकमान से कहेंगे कि उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया जाए। प्रोफेसर को सामने आना चाहिए और उन्हें सत्य को प्रमाणित करना चाहिए। एक आदमी के पीछे सब पर धब्बा लग रहा है। पार्टी आलाकमान को भी हर उस जगह जाना चाहिए, जहां लोगों का नुकसान हुआ है। उपद्रवियों से ही वसूलो हर्जानापावर हाउस स्थित आरएन मॉल को उपद्रवियों ने पूरी तरह से राख कर दिया। मॉल में पहुंचे यादव ने कहा कि इनेलो भी दूध की धुली नहीं है, उन्होंने भी जमकर तांडव मचाया है। यदि पीड़ितों को सही न्याय नहीं मिलता तो वे सड़क पर आएंगे।
सरकार को जांच की समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए। 100 फीसदी मुआवजा उनको दिया जाना चाहिए, जिनका नुकसान हुआ है। यह हर्जाना भी सीसीटीवी फुटेज के हिसाब से उपद्रव करने वालों से वसूला जाना चाहिए। क्योंकि सरकार अपनी जेब से कुछ नहीं दे रही, यह बाद में हमसे ही वसूल किया जाएगा।
यदि दंगे में कोई निर्दोष मारा गया तो उसे मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने प्रदेश की स्थिति पर कहा कि हंगामा कोई करे और आंसू गैस के गोले किसी पर छोड़ जाएं, यह गलत हुआ है। समाज में खोदी गई खाई को अब परमात्मा ही दूर करेगा।
उन्होंने मांग की है कि उपद्रव करने वाले बख्शे नहीं जाने चाहिए चाहे वे कोई भी हों। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से कराई जानी चाहिए।
हाथ में लाल धागा और गाल पर था गुलालपूर्व मंत्री ने कहा कि उपद्रवियों ने चयनित करके लोगों को निशाना बनाया है। हांसी में उपद्रवियों के एक हाथ में लाल धागा और गाल पर गुलाल क्यों था। यह पूर्व नियोजित था कि दंगे के दौरान वे सभी अपने लोगों को पहचान सकें।
हांसी में सैनी गुजर व अहीर सैनी ने मिलकर उपद्रवियों को रोका, इससे अधिक नुकसान नहीं हुआ। ओबीसी ब्रिगेड के नाम पर क्या था। जातिगत आधार पर भड़काने वाले नेताओं ने समाज में खासी आग लगाई। हांसी भी छावनी बन गया था, खूब तांडव हुआ। इसमें पुलिस अधिकारियों का हाथ था।
रणधीर सिंह कापडीवास भाजपा नेता स्वयं मानते हैं कि तख्ता पलट की साजिश थी। यदि समय पर हांसी में सेना आ जाती तो नुकसान से बचा जा सकता था। हवा सिंह सांगवान व यशपाल मलिक पर देश द्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। सूबे में इस आंदोलन के दौरान आठ जिले बुरी तरह जले हैं।