प्रदेश में भले ही दूसरी लहर के बाद कोरोना के नए मामले कम सामने आ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ दिल्ली-गुुरुग्राम के करीब होने के कारण जिले में तीसरी लहर के आने से इनकार भी नहीं कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र की तरह जिले में भी कोरोना की लहर एक बार फिर आ सकती है। क्योंकि अनलॉक के साथ सभी सार्वजनिक स्थल, स्कूल, कॉलेज, कार्यालय खोल दिए गए हैं और सुरक्षा उपाय अधिकांश लोग नहीं अपना रहे हैं।
कोविड-19 के प्रमुख नोडल अधिकारी हरियाणा डॉ. ध्रुव चौधरी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइड लाइन को हर व्यक्ति को पालन करना चाहिए। वर्ष 2020 के मुकाबले 2021 राहत में बीत रहा है, लेकिन महाराष्ट्र में जिस प्रकार केस बढ़ रहे हैं उससे हमें भी अलर्ट हो जाना चाहिए। आगामी एक से डेढ़ माह में हमारे यहां भी कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। क्योंकि हरियाणा का महाराष्ट्र से ट्रांसपोर्ट का सीधा संबंध है। फिलहाल जो टीकाकरण अभियान चल रहा है, उसका आने वाले समय में लाभ मिलेगा। क्योंकि कोरोना के फ्रंट लाइन वॉरियर्स को संक्रमणकाल में काम करने के दौरान संक्रमित होने का भय कम रहेगा। हमें केरल से भी सबक लेना चाहिए कि वहां जागरूकता के चलते लहर देरी से आई और यदि हम अपना बचाव करते हैं तो सुरक्षित रह सकते हैं। प्रदेश में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, पानीपत व रोहतक में भी कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।
शरीर में एंटीबॉडी का होना जरूरी, चाहे संक्रमित होने से बने या टीकाकरण से
डॉ. ध्रुव चौधरी का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है कि शरीर में संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी हो। यह एंटी बॉडी चाहे संक्रमित होने से बने या टीकाकरण से फिलहाल राहत की बात यह है कि महाराष्ट्र में बिना आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- बगैर मास्क बाहर न निकलें।
- सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें।
- हाथों को धोते रहें और सैनिटाइज करते रहें।
- बुखार, जुकाम, खांसी होने पर जांच करवाएं।
- बच्चों-बुजुर्गों व बीमारों का खास ख्याल रखें।