पांच सौ और हजार रुपये के नोट बदलने के लिए डाकघरों के अंदर और बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोगों से अब शपथ पत्र भरवाए जा रहे हैं, ताकि लोग 24 नवंबर तक अपनी आईडी का दोबारा प्रयोग न कर सकें। इसके अलावा, बैंकों में हर व्यक्ति का डाटा तुरंत अपडेट किया जा रहा है। इसके लिए बैंकों के क्षेत्रीय कार्यालय से अतिरिक्त स्टाफ बुलाया गया है।
एक दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को खुले प्रधान डाकघर सहित उप-डाकघरों में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब नोट बदलवाने वाले फॉर्म के साथ शपथ पत्र भी जोड़ दिया गया है। शपथपत्र में संबंधित व्यक्ति का नाम और घर का ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है। शपथपत्र में स्पष्ट लिखा है कि संबंधित व्यक्ति 24 नवंबर से पहले पुराने नोट बदलवाने के लिए अपनी आईडी का दोबारा प्रयोग नहीं करेगा।
प्रधान डाकघर के प्रवर डाक पाल एसके मान ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से एक ही आईडी से बार-बार पुराने नोट बदलवाने की समस्या आ रही थी। इस वजह से भीड़ तो बढ़ती है, दूसरे जरूरतमंद लोगाें को पैसे मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। इस कारण हर व्यक्ति से शपथपत्र भरवाने का निर्णय लिया है। यह सुविधा रोहतक, झज्जर और बहादुरगढ़ के सभी उप-डाकघरों में कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हर दिन प्रधान डाकघर से करीब 500 व्यक्ति 24 से 25 लाख का कैश बदलवाते हैं।