19- पत्रकारों से बात करते पूर्व मंत्री सुभाष बतरा व अन्य। संवाद
रोहतक। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा का कहना है कि आईएमटी चौक के पास साढ़े 18 एकड़ जमीन की खरीद में 300 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। यह खुलासा होने के बाद विधानसभा में सीएम नायब सैनी को स्पष्टीकरण देना पड़ा। इसमें रखे गए तथ्य सही नहीं हैं। सीएम को अधिकारियों ने गुमराह किया है। इस मामले में जरूरत पड़ी तो अदालत तक जाऊंगा।
मैना पर्यटन केंद्र में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मंत्री ने कहा कि सीएम ने विधानसभा में जवाब दिया कि ट्रिब्यूनल ऑर्डर के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। असल में सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई ही नहीं। सुप्रीम कोर्ट में एक महिला ने अपील की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब केस ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है तो सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं बनती।
इस जमीन की कीमत 300 करोड़ रुपये से अधिक है। कलेक्टर रेट भी 80 करोड़ से ऊपर बनता है। ऐसे में साफ नजर आ रहा है कि सरकार किसी दबाव में है।
उन्होंने कहा कि साढे 18 एकड़ जमीन 90 साल के पट्टे पर है। इस जमीन पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है। इसके बावजूद यह जमीन बेच दी गई। बिना लाइसेंस जारी किए जमीन से 527 शीशम के पेड़ काट दिए। सारे प्लाॅट बेच दिए। सोसाइटी का बोर्ड लगा दिया। अब मामला दबाया जा रहा है।
जमीन से पेड़ काटने के मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में हाई लेवल डेलिगेशन जल्द ही उपायुक्त सचिन गुप्ता से मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से इस मामले में नोटिस मिला है। इसका कोई जवाब नहीं दिया है। जवाब देना भी नहीं है। यह मामला अदालत में जाए। वहीं जवाब दिया जाएगा।