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मैं नहीं चाहता पूर्व विधायक की श्रद्धांजलि सभा राजनीतिक विवाद की भेंट चढ़े : सीएम

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सोनीपत/गोहाना। पूर्व विधायक किताब सिंह कुशल राजनीतिज्ञ के साथ गरीब व कमेरे वर्ग की आवाज बुलंद करने वाले थे। मैं नहीं चाहता कि स्वर्गीय किताब सिंह की श्रद्धांजलि सभा राजनीतिक विवाद की भेंट चढ़ जाए। आंदोलन के नाम पर जो उन्माद लोगों में भरा जा रहा है, वो सामाजिक एकता के लिए बहुत ही खतरनाक है।
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यह सब सीएम ने आंवली में होने वाले कार्यक्रम को रद्द करने वाले पत्र में लिखा है। आंवली गांव में रविवार को होने वाला सीएम मनोहर लाल का कार्यक्रम किसानों के विरोध को देखते हुए रद्द कर दिया गया है। वह यहां पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक के निधन पर शोक व्यक्त करने आ रहे थे। पूर्व विधायक का सोमवार रात को निधन हो गया था। रविवार को उनकी तेहरवीं है। सीएम मनोहर लाल का आंवली आने का कार्यक्त्रस्म रद्द होने के बारे में पत्र प्रशासन और पूर्व विधायक किताब सिंह के घर भिजवाया गया।
सीएम ने पत्र में लिखा है कि यह सभी जानते है कि सामाजिक मर्यादाओं को कलंकित करने वाले ये लोग मुट्ठी भर ही है। सीएम ने पंडित लख्मीचंद की एक रचना नुगरा माणस नजर फेर जा समझणिया की मर हो सै का जिक्र भी पत्र में किया है। सीएम ने कहा कि कुछ लोग गैर जिम्मेदाराना हरकत भी करें तो हमें समझदारी से ही काम लेना होगा। सामाजिक ताने बाने और शांति बनाए रखने के लिए निर्णय लिया है कि पूरे गांव के लोगों के एकमत होने पर ही आपके गांव में आने का कार्यक्रम बनाया जाएगा। इसके साथ ही कहा गया है कि आंदोलन और उन्माद के फर्क को हम अच्छी तरह समझते है। हम हरियाणवियों की सामाजिक एकता को भंग करने का कहीं से भी दोषी नहीं बनना चाहते। सामाजिक मर्यादाओं को बनाए रखना हम सबका सामूहिक दायित्व है। किताब सिंह मलिक सामाजिक समरसता और लोक उत्थान के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। उनकी श्रद्धांजलि सभा में विवाद बने और वह भी मेरे आंवली आने के कारण ऐसा हो, इसलिए उससे बचना चाहूंगा। क्योंकि इस अनावश्यक विवाद को देखकर किताब सिंह मलिक की आत्मा स्वर्ग में भी दुखी होगी।
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पूर्व विधायक के परिजन व ग्रामीण भी नहीं चाहते थे सीएम गांव में आए : सत्यवान नरवाल
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि पूर्व विधायक किताब सिंह मलिक ने अपने जीवन में किसानों और मजदूरों के लिए संघर्ष किया। उनका भाजपा के मंत्रियों व नेताओं से कोई लेना-देना नहीं था। अब उनके निधन पर सीएम मनोहर लाल उनके घर पर परिजनों को सांत्वना देने आते। जबकि कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के दौरान 300 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है, उसके बावजूद सीएम ने उनकी मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। इसको लेकर ग्रामीणों ने पंचायत करके सीएम का यहां आने का विरोध करने का निर्णय लिया था और पूर्व विधायक किताब सिंह के परिजन भी नहीं चाहते थे कि सीएम गांव में आए।
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सीएम के आंवली में आने के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। लेकिन सीएम के कार्यक्रम को रद्द करने की शनिवार रात को सूचना आई। अब सीएम का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है और उनके आगे आने का कोई कार्यक्रम आता है तो उसके अनुसार व्यवस्था की जाएगी। जश्नदीप रंधावा, एसपी
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