रोहतक। पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा का कहना है कि वे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। फिर भी उनको प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंदर जगह नहीं दी गई। इसके पीछे कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता का हाथ है। हुड्डा मंगलवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नवगठित कमेटियों में 90 प्रतिशत लोग दूसरे दलों से आये हुए हैं। असली कांग्रेसियों की इस लिस्ट में अनदेखी हुई है। पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री व उनके पुत्र की ही बन कर रह गई। हरियाणा कांग्रेस का असली स्वरूप खत्म हो चुका है। पिता पुत्र मोह में फंसे हैं। इस कारण कांग्रेस असली वोट बैंक से दूर हो रही है। इनके रहते कांग्रेस अगले 20 साल भी सत्ता में नहीं आ सकती।
अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में पूर्व सीएम ने हरियाणा के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। चुनाव से पहले करीब 60 हजार सरकारी नौकरियां जानबूझ कर नहीं लगाई। हजारों नौकरियों के टेस्ट व साक्षात्कार भी हो चुके थे। इनकी सूची जारी नहीं की गई। गांव में अपने चहेते एक परिवार के 10-10 लोगों को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सहायता दी और शेष युवाओं की अनदेखी की। इस भेदभाव के खिलाफ जनसभा का आयोजन करूंगा। इसी कड़ी में दो अक्तूबर की किलोई जनसभा को ऐतिहासिक बनाकर लोग इनके खिलाफ अपना गुस्सा प्रकट करेंगे।