पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
- जेठ व जेठानी को दी अदालत ने क्लीनचिट
- दो साल पहले संजय कालोनी में हुई थी विवाहिता की मौत
- गले पर थे तेजधार हथियार के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर की संजय कालोनी में दो साल पहले हुई विवाहिता रिंकी की हत्या के मामले में अदालत ने उसके पति चिराग को दोषी माना है। उसे बुधवार को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि मृतका के जेठ मनोज व जेठानी मोनिका को बरी कर दिया। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक जनता कालोनी निवासी रामफल ने सिटी थाने में केस दर्ज कराया था कि उसने बेटी रिंकी की शादी संजय कालोनी निवासी चिराग के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही आरोपी उसकी बेटी को परेशान करते रहे थे। हालांकि पंचायत के माध्यम से समझौता हो गया था। सितंबर 2017 को वह रिंकी की ससुराल पहुंचा। बेटी का शव बेड पर पड़ा था। वहीं आरोपितों के हाथ में हथियार थे। रामफल का आरोप था कि उसकी बेटी की हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके पति चिराग, जेठ मनोज व जेठानी मोनिका को गिरफ्तार किया था। तभी से मामले अदालत में सुनवाई चल रही थी। बुधवार को एडीजे आरपी गोयल की अदालत ने पति चिराग को रिंकी की हत्या का दोषी करार दिया जबकि जेठ मनोज व जेठानी मोनिका को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। चिराग को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।