रोहतक। सेक्टर-13 स्थित हुडा सिटी पार्क केवल नाम का रह गया है। यहां पर 70 फीसदी घास सूख चुकी है तो 30 फीसदी पेड़-पौधे बिना पानी के सूख रहे हैं। यदि जल्द ही देखरेख नहीं की गई तो पेड़-पौधे सूखे की वजह से नष्ट हो जाएंगे। लगभग 25 हजार आबादी के लिए बनाया गया पार्क अब टहलने के लायक नहीं रहा है।
पार्क में कहीं पर कूड़े के ढेर लगे हैं तो कहीं पर सीवर का पानी भरा हुआ है। इतना ही नहीं सार्वजनिक शौचालय पर ताला लटका है। कई माह से सिटी पार्क वेलफेयर सोसाइटी की ओर से अधिकारियों से पार्क की बदहाली दूर करने की मांग कर रहे हैं। मगर अभी तक किसी अधिकारी ने पार्क की सुध नहीं ली है।
शहर में हजारों लोगों की जरूरत को देखते हुए नए बस अड्डे के सामने हुडा सिटी पार्क बनाया गया था। करीब एक साल पहले इसका नाम बदल कर पंडित श्रीराम शर्मा कर दिया गया। 25 एकड़ में फैले इस पार्क को लगभग 15 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के शासनकाल में बनवाया गया था। यहां बनी सेंट्रल जेल को खत्म कर पार्क विकसित किया गया। शुरुआत में इसे आकर्षक बनाया गया, लेकिन अब पार्क बदहाल हो गया है। पार्क में न तो पीने के पानी की सुविधा और न ही बैठने के लिए हरी घास बची है। पार्क में सीवर का पानी भी भरा रहता है और यहां पर बैठना तो दूर टहलना मुश्किल हो गया है। पार्क में बने शौचालय में पानी की आपूर्ति बंद हुई तो जिम्मेदारों ने उस पर ताला लगा दिया। इसके पास से गुजरने पर बदबू में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके फव्वारे कई दिनों से खराब पड़े हैं।
इन काॅलोनियों के लोगों के लिए है यह पार्क अहम
हुडा सिटी पार्क में विकास कॉलोनी, चांद नगर, कैलाश कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, हैफेड चौक, प्रेम नगर, आजाद गढ़, बसंत विहार, विशाल नगर, जसबीर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, किशन पुरा, सुखपुरा चौक समेत कई अन्य काॅलोनियों के निवासी पार्क में घूमने आते हैं।
क्या कहते हैं निवासी
-पार्क में स्थायी रूप से माली और सफाईकर्मी तैनात किए गए थे, लेकिन बाद में उनको यहां से हटा दिया गया। इससे पार्क बदहाल होने लगा है।
- कुलदीप सिंह, सचिव, हुडा सिटी पार्क वेलफेयर सोसाइटी
शमा होते ही कुछ लोग अपने पालतू कुत्तों को पार्क में लाते हैं। यह गलत है। इससे न सिर्फ लोगों को उनके काटने का डर बना रहता है। यही नहीं वे यहां गंदगी भी करते हैं।
- राम भगत सिंह नैन, कमेटी प्रधान
पार्क की 70 प्रतिशत घास नष्ट हो चुकी है। समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो पूरा पार्क ही सूना हो जाएगा।
- परमजीत अहलावत, कमेटी सदस्य
सफाईकर्मी न होने के कारण गंदगी है और पीने के लिए पानी की कोई सुविधा नहीं है। पार्क में कचरे के ढेर लगे हैं।
- इंद्र सिंह, कमेटी सदस्य
वर्जन
सफाई का टेंडर खत्म हो गया है। जल्द नया टेंडर जारी किया जाएगा। हमारे पास किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है।
- जगमाल सिंह सोलंकी, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी