रोहतक। कोरोना संक्रमण से जंग लड़ रहे देश के लिए सवाल खड़ा हो गया है कि जब दूसरों को जागरूक करने वाले स्वयं भ्रमित हों तो देश कैसे लड़ाई को जीतेगा। जिले में स्वास्थ्य विभाग अब तक 1430 लोगों को वैक्सीन लगा चुका है तो प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में अब तक महज 36 को ही टीका लगा है। यह आंकड़ा भी संस्थान के हर संभव प्रयासों के बाद बढ़ा है। अब 25 जनवरी को प्रदेश में बडे़ स्तर पर टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है, इसमें 30 हजार को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान के पहले दिन 139 लोगों को वैक्सीन लगा कर अपना कार्य शुरू किया, जबकि दूसरे दिन 92, तीसरे दिन 269, तीसरे दिन 361 व चौथे दिन 569 को वैक्सीन लगाई गई। टीम ने लाखनमाजरा, गिरावड, चिड़ी, बालंद, पिलाना, सांपला, हसनगढ़ व काहनौर में स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई है। पीजीआईएमएस रोहतक में टीकाकरण के 9800 के करीब नाम पंजीकृत हैं, लेकिन अभी तक टीकाकरण करवाने वालों की संख्या 36 ही पहुंची है। इस समस्या पर पीजीआईएमएस में शुक्रवार लगभग डेढ़ घंटा मंथन चला और सवाल उठाया गया कि कितने सीनियरों ने टीकाकरण कराया है। जब तक सीनियर टीकाकरण नहीं कराएंगे तो भ्रम कैसे दूर होगा।
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ये भी है समस्या
- पंजीकृत लोगों को नहीं पता कि अब वॉकिंग सिस्टम है, टीका लगवाने के लिए संदेश की जरूरत नहीं है
- ठेके के कर्मचारियों का अभी रिकार्ड ही पूरा नहीं है
- अब विद्यार्थियों का डॉटा रिकार्ड में चढ़ाया जाएगा
- टीकाकरण के दौरान एक्सपर्ट काउंसिलिंग में नहीं हैं
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कोविशील्ड नहीं तो कोवैक्सीन का दे सकते हैं विकल्प : बिरला
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने कहा है कि टीकाकरण बिल्कुल सुरक्षित है। यदि स्टाफ कोविशील्ड की जगह कोवैक्सीन लगवाना चाहते हैं तो वह इसे भी उपलब्ध करवा सकते हैं। लेकिन इसमें शर्त यह है कि टीका लगवाने वाले को सहमति पत्र देना होगा। स्वास्थ्य विभाग अपने लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर है। शुक्रवार को पांच सेंटरों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी टीकाकरण अभियान चलाया गया है। यहां जो लाभार्थी अनुपस्थित था, उसे सोमवार को टीका लगा दिया जाएगा।
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निदेशक लगवा चुके हैं वैक्सीन : डॉ. यादव
पीजीआईएमएस की ओर से संस्थान के निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव सबसे पहले कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके हैं। डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने लोगों का भ्रम तोड़ने के लिए सबसे पहले स्वयं को टीका लगवाया है। पूरे स्टाफ को जागरूक किया जा रहा है कि वह टीकाकरण करवाएं और स्वयं को कोरोना से सुरक्षित रखने के साथ इस महामारी की चैन तोड़ने में अपना योगदान दें।