रोहतक। यदि आपके यहां गंदा पानी सप्लाई हो रहा है तो कहीं जाने की जरूरत नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है, लेकिन उसके समाधान की कोई गारंटी नहीं है। ऐसा अमर उजाला नहीं बल्कि शहर के लोग ही कह रहे हैं।
शहर में करीब पांच लाख की आबादी है। सेक्टरों को छोड़कर पानी आपूर्ति की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की है। जनता को साफ और स्वच्छ पानी मुहैया कराने के लिए सरकार और विभाग की तरफ से निरंतर दावे किये जाते हैं। इसके लिए अनेक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसके तहत जलापूर्ति में किसी तरह की भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 जारी किया गया है। इस नंबर पर रोजाना 125 से लेकर 150 शिकायतें आ रही हैं। इनका समाधान करने के लिए शहर में पांच संस्थाओं को ठेके पर जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इनकी देखरेख के लिए जेई से लेकर कार्यकारी अभियंता तक लंबी फेहरिस्त है, फिर भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर और पीने के पानी की लाइन साथ-साथ डाली गई हैं। लाइनें काफी पुरानी होने से वे काफी जर्जर हो चुकी है। इन जर्जर पाइप लाइनों से सीवर और बरसाती पानी पेयजल वाली लाइन में चला जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। वहीं हर शिकायत पर ठेकेदार की टीम पहुंचती है, जो जेई को रिपोर्ट करती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जेई को इस समस्या का समाधान कराना होता है, लेकिन कई बार समस्या का समाधान हो नहीं हो पाता।
सिस्टम विभाग का पर बदलवाने की जिम्मेदारी नगर निगम के पास
शहर में पानी आपूर्ति और सीवरेज की व्यवस्था भले ही जनस्वास्थ्य विभाग के पास है, लेकिन पाइप लाइन डलवाने से लेकर मोटर खरीदने या अन्य मरम्मत कराने की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। अम्रुत योजना से सभी कार्य नगर निगम के जिम्मे है। नाम न छापने की शर्त पर अभियंता कहते हैं कि हमें समस्याओं की जानकारी है, लेकिन हम इसे ठीक नहीं करा सकते। विभागीय जानकार इस अव्यवस्था के पीछे एक कारण इसे भी मानते हैं।
वर्जन.....
शहर में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतों से अंदाजा लगता है कि यह एक बड़ी समस्या है, लेकिन हमारा प्रयास यही होता है कि साफ और स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो। जहां भी समस्या है, उसका तत्परता से समाधान हो और सभी को साफ पानी मिले। यदि कहीं पर भी लापरवाही मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाती है, क्योंकि पानी लोगों के स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है, इसलिए इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाती।
-विशाल बंसल, एसई-जनस्वास्थ्य विभाग, रोहतक।
केस- 1
जगदीश कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त एसडीओ राममेहर शर्मा की शिकायत पर पिछले दिनों सुपरवाइजर अमित कुमार ने रिपोर्ट दी थी कि दोपहर की सप्लाई में गंदा पानी मिला। उन्होंने आशंका जताई थी की पाइप लाइन डैमेज होने के कारण गंदा पानी आ रहा है, लेकिन दस दिन बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस- 2
मॉडल टाउन निवासी राजीव सचान ने बताया कि उनके यहां जब भी पानी की सप्लाई आती है तो पांच मिनट तक बदबूदार गंदा पानी आता है। दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई थी। ठेकेदार की जांच टीम आई, गंदा पानी दिखाया। टीम ने रिपोर्ट लगा दी और आश्वासन दिया कि जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन आज तक पहले की तरह गंदा पानी मिल रहा है।