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दिनभर धूप में बैठे कर्मचारियों ने नहीं ली सुध, गर्मी से पांच की हालत बिगड़ी

Sat, 06 May 2017 02:04 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला रोहतक
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मिटिंग में मौजूद कर्मी - फोटो : amarujala beuro
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हड़ताल कर रहे आईएमटी स्थित एसिन ऑटोमोबाइल कंपनी के कर्मचारियों की तीसरे दिन भी किसी ने सुध नहीं ली। तीन दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की बात सुनने न तो कोई जिला प्रशासन का अधिकारी पहुंचा और न ही कंपनी का अधिकारी। दिन भर धूप में बैठने के कारण शुक्रवार को पांच कर्मचारियों की तबियत बिगड़ गई। इनमें से दो को पीजीआई में भर्ती कराया गया। हालांकि प्राथमिक उपचार के बाद कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई।
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 जसबीर हुड्डा सहित सात कर्मचारियों को कंपनी से 400 मीटर दूर करने के बाद अन्य कर्मचारियों ने धरने की कमान संभाली। कर्मचारी राजबीर ने बताया कि तीन दिन से न तो सही से खाने की व्यवस्था है और न ही पानी की। इस कारण वीरवार देर रात सुनील अटकान की अचानक तबियत खराब हो गई। उल्टी होने के कारण उसे तुरंत पीजीआई में भर्ती कराया गया। इसके अलावा राहुल, रामकिशन, सुबेर सिंह और प्रवीण की शुक्रवार सुबह तबियत खराब हो गई। सभी को पीजीआई ले जाया गया। करीब एक घंटे तक उपचाराधीन रखने के बाद कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि तीन दिन से कंपनी का एक भी अधिकारी बातचीत के लिए बाहर नहीं आया है। इतना ही नहीं हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को भी कंपनी के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। कर्मचारी दिन रात  हड़ताल पर बैठे हैं। बता दें कि आईएमटी स्थित एसिन ऑटोमोबाइल कंपनी ने अनुशासनहीनता के चलते करीब 20 कर्मचारियों को कुछ दिन पहले कंपनी से निकाल दिया था। साथ ही अन्य कर्मचारियों को भी चेताया गया था। कंपनी से निकाले गये कर्मचारियों को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार सुबह ऑफिस के बाहर सैकड़ों कर्मचारी इकट्ठा हो गये थे। बाद में यूनियन प्रधान जसबीर हुड्डा, उमेश, कैलाश, विकास, अनिल, गोपाल सहित सात कर्मचारियों को कंपनी से 400 मीटर दूर कर दिया गया था।


पुलिस के लिए लगाया टेंट, कर्मचारियों को अनुमति नहीं
कर्मचारियों ने कंपनी के अधिकारियों पर ताना शाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने ड्यूटी दे रही पुलिस के लिए तो धूप से बचने के लिए बाहर टेंट लगवा दिया है। लेकिन कर्मचारियों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी है। महिला कर्मचारियों सहित सभी को धूप में बैठना पड़ रहा है। इसी कारण लगातार कर्मचारियों की तबियत बिगड़ रही है।
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कर्मियों के अंदर घुसने से रोकने को तैनात किये बाउंसर
इतना ही नहीं कंपनी ने पुलिस सुरक्षा के अलावा अपने निजी बाउंसर भी गेट पर तैनात कर दिये हैं। ताकि हड़ताल कर रहा कोई कर्मचारी कंपनी के अंदर न जा सकें। महिला कर्मचारी हेमताज ने बताया कि कर्मचारियों ने अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए यूनियन बनाई थी। यूनियन बनने से नाराज कंपनी के अधिकारियों ने बीस कर्मचारियों को निकाला दिया ताकि यूनियन खत्म हो सके।

रात को को बंद कर दी जाती है लाइट
कर्मचारियों ने बताया कि वे दिन रात हड़ताल पर बैठे हैं। अब कर्मचारियों ने खाने पीने की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि रात को कंपनी की तरफ से एक भी लाइट नहीं जलाई जाती। अंधेरा होने के कारण महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। क्योंकि पुलिस सिर्फ कंपनी की सुरक्षा में तैनात है।


कंपनी की तरफ से कई बार बातचीत का प्रयास किया जा चुका है। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। जबकि कार्रवाई का कानूनी पक्ष नहीं देख रहे हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से कंपनी को लगातार नुकसान हो रहा है।  
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प्रदीप कुमार, एचआर हैड, एसिन, ऑटोमोबाइल।
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