रोहतक। किडनी के मरीज से इलाज के दाैरान ज्यादा रुपये वसूलने पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मान मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को दोषी पाया और ज्यादा वसूले गए 1 लाख 15 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए। अस्पताल को सेवाओं में कमी के चलते 60 हजार रुपये मुआवजा सहित पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर पीड़ित को अतिरिक्त देने हाेंगे।
आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक, बाबरा मोहल्ला निवासी शकुंतला ने बताया कि पति जिले सिंह को गुर्दे की समस्या थी। मई 2020 में मूत्र अवरोध के कारण सुभाष रोड स्थित अस्पताल में दाखिल कराया था। शाम को मरीज को डायलिसिस के लिए सामान्य निजी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। 15 दिन बाद छुट्टी देकर 3 लाख 18 हजार रुपये का बिल थमा दिया। घर पहुंचते ही पति जिले सिंह की मौत हो गई।
पीड़िता का कहना है कि अस्पताल की तरफ से फाइनल बिल लिया गया, उसमें सभी भुगतान को शामिल नहीं किया गया। सितंबर 2020 को पीड़िता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने अस्पताल संचालक को नोटिस भेजा। सुनवाई के बाद आयोग ने निर्णय दिया कि निजी अस्पताल शिकायतकर्ता को अतिरिक्त वसूली गई राशि 1,15,760 रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाए, साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 60,000 रुपये मुआवजा और कानूनी खर्च के तौर पर 5,000 रुपये की राशि का भुगतान करे।
आयोग के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। -डॉ. अमित मान, संचालक मान मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल।