Home to home the king of Lal Bagh, Jai Sriganesh cheered
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गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर लाल बाग के राजा गजानन इस बार बड़े पंडालों की जगह भक्तों के घर में आगामी दस दिनों के लिए विराजमान हो गए हैं। हर जगह जय श्रीगणेश के जयकारों की धूम रही। हर साल की तरह इस साल गणेश उत्सव के लिए शहर में भव्य पंडाल नहीं सजे थे, लेकिन भक्तों ने अपने घर के मंदिर में गणेश प्रतिमा को स्थापित किया। अधिकांश गणेश प्रतिमाएं इको फ्रेंडली और आकार की छोटी रही। वर्ष 1987 में पहली बार मराठाओं की ओर से शहर में गणेश उत्सव मनाया गया था और तब से लगातार हर साल यह पर्व जिले में मनाया जाता आ रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमण काल के चलते पहली बार यह आयोजन सार्वजनिक रूप से नहीं हो रहा है। संपर्ण यूथ क्लब के सदस्य अजेश गुप्ता ने बताया कि इस साल श्रीराम मंदिर में गणेश प्रतिमा स्थापित कराई है। सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए यह कार्यक्रम छोटे रूप में किया गया है। वहीं श्री78 संघ ने परंपरा का निर्वहन करते हुए ग्रीन रोड के एक कार्यालय में गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की है। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए यहां कुछ ही लोग रोजाना पूजा करेंगे। यहां सिर्फ सुबह व सायं की पूजा होगी। वहीं डीएलएफ कॉलोनी में गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। यहां बालकपुरी डेरा से डीएलएफ कॉलोनी तक महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली, इसके बाद गणेश प्रतिमा को स्थापित किया गया। महंत कर्णपुरी ने बताया कि सुबह सात बजे व सायं सात बजे सिर्फ आरती होगी और कोई अन्य कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।
वीडियो कॉलिंग के माध्यम से किए दर्शन
शिवाजी कॉलोनी में जगदीश मलिक के घर गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई है। यहां निहारिका ने बताया कि हैदराबाद में उनके भाई गौतम मलिक हैं और हर साल गणेश उत्सव पर घर आते थे। लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण के चलते वह नहीं आए तो गणेश जी की स्थापना के समय भाई को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये आयोजन का लाइव दर्शन करवाया।