बहादुरगढ़। 234 प्रगणकों को नोटिस दिए जाने के बाद वीरवार को नगर परिषद कार्यालय में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर जनगणना किट लेने अपने बेटे-बेटियाें के साथ पहुंचीं। बड़ा सवाल यह है कि पांचवीं-सातवीं पास आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर जनगणना कैसे करेंगी, जिनमें से अधिकतर को स्मार्टफोन तक इस्तेमाल करना नहीं आता। इस दौरान उन्होंने अपनी परेशानी बताई।
शहरी क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की ड्यूटी लगाए जाने के बाद कई समस्याएं सामने आने लगी हैं। कई वर्करों की उम्र अधिक होने के कारण वे फील्ड में काम करने में खुद को असमर्थ बता रही हैं।
कई आंगनबाड़ी वर्कर अपने बेटे-बेटियों को साथ लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्हें स्मार्टफोन चलाना तक नहीं आता। एक वर्कर ने कहा कि उसके पास अभी तक केवल कीपैड वाला फोन है लेकिन अब जनगणना ड्यूटी के कारण उसे मजबूरी में नया स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा।
दूर-दराज के गांवों की वर्करों की ड्यूटी शहर के क्षेत्रों में लगाई गई है जिनसे वे परिचित भी नहीं हैं। ऐसे में उन्हें रोज गांव से शहर आना पड़ेगा। वर्करों का कहना है कि तकनीकी जानकारी की कमी और लंबी दूरी के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेरी उम्र भी अधिक है और मुझे मोबाइल चलाना भी नहीं आता है। अब मजबूरी में ड्यूटी करनी पड़ेगी।
-कैलाश, आंगनबाड़ी वर्कर
मेरी मां बिमला आंगनबाड़ी वर्कर हैं। उनकी ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी है। वो ज्यादा चलने फिरने में असमर्थ हैं। ऐसे में मैं उनके साथ आई हूं और ड्यूटी भी मैं ही साथ रहकर करूंगी।
-मौसम, आंगनबाड़ी वर्कर बिमला की बेटी
मुझे न तो मोबाइल चलाना आता है और न ही मैं ज्यादा फील्ड की ड्यूटी के लिए भागदौड़ कर सकती हूं। ऐसे में मैं अपनी बेटी को लेकर आई हूं और उसको साथ लेकर ही ड्यूटी करूंगी।
-बिमला, आंगनबाड़ी वर्कर
मैं अनपढ़ हूं। न तो मेरे पास स्मार्ट फोन है और न ही मुझे वह इस्तेमाल करना आता है। मेरे पास तो कीपैड वाला फोन है। अब स्मार्ट फोन लेना पड़ेगा और जनगणना के लिए बेटे को साथ रखना होगा। साथ ही हर रोज 20 किलोमीटर दूर से आना पड़ेगा।
-सरिता, आंगनबाड़ी हेल्पर, छारा
मैं सांतवीं पास हूं। स्मार्टफोन ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं कर सकती। बस मुझे फोन करना और सुनना ही आता है। इसके अलावा हर रोज 19 किलोमीटर स्थित गांव खरहर से सेक्टर दो में आना पड़ेगा।
-मुकेश, आंगनबाड़ी हेल्पर, गांव खरहर
वर्जन
जिन आंगनबाड़ी वर्करों को प्रगणकों की ड्यूटी दे रखी हैं और ड्यूटी पर न आने पर उन्हें नोटिस दिए गए थे, उनमें से अधिकांश ड्यूटी पर पहुंच गई हैं। उन्हें किट दे दी गई है और जनगणना कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। जिन कम पढ़ी-लिखी वर्कर और हेल्पर की जनगणना में ड्यूटी लगाई गई है, उनके स्थान पर स्टाफ की डिमांड रखी गई है।
-संजय रोहिल्ला, चार्ज अधिकारी एवं कार्यकारी अधिकारी, नप, बहादुरगढ़।
फोटो-53: बिमला।
फोटो-53: बिमला।
फोटो-53: बिमला।
फोटो-53: बिमला।
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