रोहतक। चिकित्सा विज्ञान व शिक्षा को आगे बढ़ाने में हरीश रानी मग्गू ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मरणोपरांत अपना पार्थिव शरीर पीजीआईएमएस के एनाॅटमी विभाग में विद्यार्थियों की रिसर्च के लिए दान करना मानवता के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनके परिजनों ने यह नश्वर शरीर दान करके महान कार्य है। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल का। वे शुक्रवार को पीजीआई को शरीर दान करने वाले परिवार को सम्मानित कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि हम सभी अंगदान व शरीर दान के कार्यों में आगे आएं और मानवता की सेवा करें। इस नेक कार्य में एनजीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अंगदान के लिए कोई भी इच्छुक व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय स्थित स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के 17 नंबर के बारे में संपर्क कर सकता है।
बॉडी डोनेशन के इंचार्ज डॉ. कमल ने कहा कि इस पुण्य कार्य के लिए गुलशन उप्पल को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। पंजाबी विकास सभा के महासचिव गुलशन उप्पल ने कहा कि हरीश रानी मग्गू ने अपने जीवनकाल में ही मानवता के प्रति अटूट प्रेम व चिकित्सा विज्ञान की सेवा के लिए शरीर दान करने का संकल्प लिया था। इस मौके पर एनाॅटमी विभाग अध्यक्ष डॉ. सुरेश कांता राठी, डॉ. संजय गुप्ता, अनिल भाटिया उपस्थित रहे।