रोहतक। सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, रमेश बोहर पर कोर्ट के आदेश के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में बुधवार को जेएमआईसी विवेक कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई। शिवाजी कॉलोनी एसएचओ और एसपी रीडर ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली है। इस पर शिकायत पक्ष के वकील ने कहा कि एफआईआर छह जून तक होनी चाहिए थी। जबकि पुलिस ने 30 जुलाई को दर्ज की है। ऐसे में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मामले की सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख तय की है।
यह था मामला
12 मई को काठमंडी के स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र में लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान चल रहा था। आरोप था कि मतदान केंद्र के अंदर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, रमेश बोहर अपने अन्य साथियों के साथ पहुंचे थे। इसी समय कांग्रेस के पूर्व विधायक बीबी बतरा, बार के प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट भी यहां आ गए थे। कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधान लोकेंद्र फौगाट को धमकी दी गई और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। मामला बढ़ा तो बूथ अधिकारी की शिकायत पर शिवाजी कॉलोनी थाने में मंत्री मनीष ग्रोवर और बीबी बतरा पर केस दर्ज किया गया था। बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने जेएमआईसी विवेक सिंह की अदालत में 156, 3 के तहत एक याचिका दायर करके मंत्री और रमेश बोहर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अदालत ने 6 जून को केस दर्ज करने के आदेश जारी किए। मगर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर भी केस दर्ज नहीं किया था। इस पर बार प्रधान की तरफ से वकील नवीन सिंघल ने अवमानना याचिका दायर की थी। 30 जुलाई को पुलिस ने सहकारिता मंत्री और रमेश बोहर के खिलाफ केस दर्ज किया था।