नगर निगम का वार्ड नंबर दो को एससी वर्ग के लिए आरक्षित करने के मामले में शनिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
सरकारी वकील ने कहा कि नगर निगम रोहतक की नई वार्डबंदी का रिकाॅर्ड मंगवाया है। रिकाॅर्ड का अध्ययन करने के बाद ही जवाब दे सकेंगे। याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट संदीप शर्मा ने बताया कि इसके बाद अदालत ने सोमवार को सुनवाई की तिथि तय की है।
हाईकोर्ट दोनों पक्षों की बहस के बाद याचिका को स्वीकार करने या न करने पर निर्णय लेगा। याचिकाकर्ता एडवोकेट राजेश सैनी ने 11 जनवरी को ऑनलाइन याचिका भेजी थी।
याचिका में बताया कि वार्ड में बीसी वर्ग की जनसंख्या का डाटा गलत दर्शाया गया है। गलत आंकड़ों की वजह से वार्ड दो बीसी बहुल होने के बावजूद एससी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इस प्रकार यह आरक्षण हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 11 और हरियाणा नगर निगम वार्ड परिसीमन नियम, 1994 की धारा 7(सी) का उल्लंघन है। आरोप यह गड़बड़ी परिवार पहचान पत्र से जनसंख्या जोड़ने की वजह से हुई है।