सिविल सर्जन कार्यालय में वाक इन फ्रीजर का निरिक्षण करते सिविल सर्जन व डिप्टी सिविल सर्जन । संवाद
स्वास्थ्य विभाग के वॉक इन फ्रीजर का माइनस 25 डिग्री तक जाने वाला तापमान मानव जीवन के लिए वरदान बनेगा। इसके माध्यम से रोहतक सहित पांच जिलों की जीवन रक्षक वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सकेगा। यही नहीं इसमें दो घंटे में तैयार होने वाले आइसपैक की मदद से वैक्सीन को ट्रांसपोर्ट करना भी आसान होगा।
सिविल सर्जन कार्यालय में छह टन से चलने वाले 4500 लीटर का वॉक इन फ्रीजर शुरू हो गया है। विभाग के एक्सपर्ट ने इस फ्रीजर के तापमान को माइनस 25 तक ले जाकर जांच पूरी कर ली है। इस फ्रीजर में रोहतक के अलावा सोनीपत, पानीपत, नारनौल, झज्जर जिले की वैक्सीन को ट्रांसपोर्ट करने के लिए आइसपैक तैयार होंगे। इससे वैक्सीन को स्टोर करना और एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होगा। डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया कि वॉक इन फ्रीजर में तैयार आइसपैक को वैक्सीन वाले कंटेनर में 75 से 90 घंटे रखा जा सकता है। इसके अलावा वैक्सीनेशन सेंटर पर आठ से दस घंटे मौके के तापमान के अनुसार वैक्सीन को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। सिस्टम के तकनीकी इंजीनियर प्रवेश कुमार, फार्मासिस्ट जोगेंद्र कुंडू व धीरज के पास इसके लिए प्रशिक्षण है। यह सिस्टम हमेशा चालू रहेगा, इसके लिए जनरेटर की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि इसमें उन वैक्सीनों को भी रखा जा सकेगा, जिनके लिए न्यूनतम तापमान माइनस 25 डिग्री तक अनिवार्य है। हरियाणा सरकार ने कोरोना संक्रमणकाल में जिले को यह मशीनरी सौंपी है।
वॉक इन फ्रीजर कोरोना संक्रमणकाल में जिले के अलावा आसपास के चार जिलों के लिए भी वरदान साबित होगा। इसका न्यूनतम तापमान माइनस 25 तक जा सकता है। 4500 लीटर की क्षमता होने के चलते इसमें अधिक जगह है, जोकि हमारे लिए लाभदायक है। आने वाले समय में इसका बहुत लाभ मिलने वाला है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन