चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद प्रदेश वायरस को फैलने से रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की जारी गाइड लाइन के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने पीजीआईएमएस व जिला अस्पताल को प्रभावित लोगों के साथ-साथ संदिग्ध लक्षण वालों को उपचार करने से लेकर उन्हें आइसोलेट करने के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। वहीं जिला प्रशासन चीन से आने वाले हर व्यक्ति के आवागमन पर नजर बनाए हुए हैं। विभागीय अधिकारियों ने सिविल अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों सहित पीजीआई में चिकित्सकों को कोरोना वायरस के मिलते-जुलते लक्षणों वाले मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरतने की हिदायत जारी की गई है।
कोराना वायरस को लेकर मंगलवार जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने जिलावासियों से अपील की है कि खांसी अथवा बुखार से पीड़ित मरीजों से दूरी बनाए रखें। हालांकि जिले में कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू का कोई केस नहीं पाया गया है। इससे मुकाबला करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कर ली है। पीजीआईएमएस रोहतक और जिला अस्पताल रोहतक में अलग से वार्ड बना दिए गए हैं। चिकित्सकों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट भी उपलब्ध है और स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ संदेह के आधार पर सैंपल लेने में भी सक्षम है। इसके अलावा दोनों संस्थान में संक्रमण रोकने वाला थ्री लेयर वाला एन-95 मास्क भी उपलब्ध है। संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करे। खांसते हुए अपनी नाक और मुंह को टिशू या मुड़ी हुई कोहनी से ढक कर रखें। जिन लोगों को सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें। मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं। बुखार खांसी अथवा सांस लेने में कोई परेशानी हो रही हो तो तुरंत चिकित्सकों से परामर्श लेना चाहिए।
ये है कोरोना वायरस
नोवेल कोरोना वायरस अकेले कोरोना वायरस नहीं है। यह कई वायरस का समूह है। बाकी, अन्य वायरस की तरह यह भी जानवरों से फैलता है। इस वायरस से निमोनिया होता है। कफ, बुखार और सांस लेने में तकलीफ इसके शुरुआती लक्षण है। निमोनिया के बाद मरीज की स्थिति आर्गन फेल्योर तक जा सकती है। चूंकि, यह वायरल निमोनिया है, ऐसे में इसके खिलाफ एंटी बायोटिक्स बेकार है। एंटी वायरल ड्रग्स का भी कोई असर नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती कराने की स्थिति में लंग्स और बाकी आर्गन्स को सपोर्ट सिस्टम की जरूरत पड़ सकती है। रिकवरी कब और कैसे होगी, यह सिर्फ व्यक्ति के इम्यून सिस्टम पर निर्भर करती है।
डरने की नहीं, जागरूकता की जरूरत : प्रभजोत सिंह
नेशनल हेल्थ मिशन के डायरेक्टर प्रभजोत सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया कि कोरोना वायरस को लेकर आमजन को डरने की जगह जागरूकता की आवश्यकता है। अगर कोई संदेह में नजर आए तो तुरंत मुख्यालय को इसकी सूचना दें। कोरोना वायरस की जांच पड़ताल के लिए सैंपल पूना भेजा जाएगा और इसके लिए भारत सरकार ने कोरियर एजेंसियों को अधिकृत किया है। वहीं निदेशक, हेल्थ सर्विसेज डॉ. उषा गुप्ता ने कहा कि सैंपल भेजने से पहले वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी इस बात की जांच करें कि सैंपल को ठीक ढंग से पैक कर दिया गया है और उसके साथ जो परफॉर्मा भरा गया है उसमें सूचना स्पष्ट है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डॉ. दिनेश गर्ग, डॉ. विवेक मोर, डीडीपीओ नरेंद्र धनखड़, महिला एवं बाल विकास की कार्यक्रम अधिकारी बिमलेश कुमारी, जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा, रेणू कंबोज व रविंदर नांदल आदि मौजूद रहे।
वायरस के लक्षण और समस्या
- सांस लेने में समस्या होना
- सर्दी जुकाम जैसे लक्षण
- नाक बहना, सिर में तेज दर्द
- खांसी-कफ, गला खराब होना
- बुखार, थकान, उल्टी महसूस होना
वायरस को ऐसे फैलने से रोके
- मरीज की सही तरीके से गाइड लाइन के अनुसार देखभाल करें
- सांस लेने संबंधी किसी को समस्या हो तो उससे दूर रहें
- वायरस प्रभावित देशों व क्षेत्रों की यात्रा से बचें
- हाथों व शरीर की सफाई का खासा ध्यान रखें
- खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को ढक कर रखें
- हाथ व उंगली से आंख, नाक व मुंह को बार-बार न छूएं
- हाथ मिलाने, एक-दूसरे को छूने से बचें