फोटो नंबर- 26निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद
नारनौल। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने निजी कंपनी को वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव के विरोध में बिजली कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और बैठक आयोजित की गई। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण को वापस लेने की मांग की।
बैठक का आयोजन एचएसईबी के प्रदेश सह सचिव सुभाष चंद रोहिल्ला की अध्यक्षता में हुआ और मंच संचालन एएचपीसी के सर्कल सचिव किरोड़ीमल सैनी ने किया। सुभाष चंद्र रोहिल्ला ने बताया कि सरकार इलेवन पावर कंपनी सहित अन्य कंपनियों को 4717 करोड़ के निवेश के नाम पर बिजली विभाग का एसेट बेचना चाहती है। एचईआरसी को इलेवन पावर कंपनी ने जो रिक्वेस्ट दी थी, उसके आधार पर कमेटी बनाकर उसे ठेका देने की तैयारी है। किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि गत 10 अगस्त को बिजली मंत्री के साथ हुई वार्ता में 11, 12, 13 अगस्त की तीन दिवसीय हड़ताल को टाला गया था। लेकिन 20-25 दिन में ही सरकार ने फिर से निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि विभाग के निजीकरण से बिजली के दाम बढ़ जाएंगे और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी।