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सीएमओ के फोन पर हवालाती को सिविल अस्पताल में मिला बेड

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कोरोना संक्रमण के कारण हालात बेकाबू हो चले हैं। मरीजों को अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस तक में मरीज नहीं लिए जा रहे हैं। बुधवार को एक हवालाती को लेकर पहुंची पुलिस टीम को करीब एक घंटे बाद बैरंग लौटना पड़ा। बाद में अधिकारियों से सीएमओ को फोन कराया तो सिविल अस्पताल में हवालाती को बेड मिला। इससे करीब डेढ़ घंटे पहले सिविल अस्पताल में मरीज लेने से साफ इनकार कर दिया गया था। इस कारण पुलिस को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर आना पड़ा। मरीजों को मिल रहे उपचार का सच जानने के लिए अमर उजाला ने कुछ मरीजों के साथ आए परिजनों से बात की तो यह सच सामने आया। पुलिस का यह केस अकेला नहीं था। यहां और भी लोग आए और लौट गए।
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बुधवार दोपहर करीब दो बजे जिले के एक थाने से पुलिस टीम पहुंची। हेल्प लाइन वाहन की पिछली सीट पर एक व्यक्ति मास्क लगाकर बैठा था। पुलिस जवान चारों ओर से वाहन को घेेरे हुए थे। जबकि एक जवान मरीज को पीजीआई में भर्ती कराने के लिए खिड़की पर गया था। यहां उसे बेड नहीं होने का टका सा जवाब मिला। इसके बाद सीनियर ने संबंधित डीएसपी के संज्ञान में मामला लाते हुए समस्या से अवगत कराया। सीएमओ से फोन कराने की बात भी कही। अधिकारियों ने सीएमओ से बात की। इसके बाद सिविल अस्पताल में मरीज को बेड दिया। जबकि इससे कुछ देर पूर्व जब पुलिस टीम सिविल अस्पताल गई थी तो वहां बेड नहीं होने की बात कह कर उन्हें चलता कर दिया था। हवालाती को लाने वाले पुलिस के जवान ने बताया कि सिविल अस्पताल में जगह नहीं होने के कारण पीजीआई आए। अब यहां भी जगह नहीं हैं। ऐसे में हवालाती को कहां ले जाएं। इसका इलाज दवा से भी नहीं होगा। भर्ती कराना जरूरी है। पहले सिविल अस्पताल से पीजीआई आए। अब यहां से फिर सिविल अस्पताल जा रहे हैं। मरीज को जगह नहीं मिली तो परेशानी बढ़ जाएगी।
थाना से एक हवालाती को अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने की जानकारी मिली थी। इस बारे में सीएमओ से बात हो गई है। मरीज को भर्ती किया जा रहा है। समस्या का समाधान कर दिया गया है।
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- गोरखपाल राणा, डीएसपी, हेडक्वार्टर
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