सोनीपत। हरियाणा को ऐसे ही खिलाड़ियों का प्रदेश नहीं कहा जाता है, बल्कि यहां के खिलाड़ी हर जगह अपनी बादशाहत कायम करके दिखाते हैं। कजाकिस्तान में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भी खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है। वहां देश को 5 मेडल व 4 ओलंपिक कोटे मिले है, जिनमें से चार मेडल हरियाणवी पहलवानों ने देश को दिलाए हैं तो सभी ओलंपिक कोटे हरियाणा के पहलवानों को मिले हैं। इस तरह देश की 2.09 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद विश्व चैंपियनशिप में 80 प्रतिशत मेडल पर हरियाणवी पहलवानों ने कब्जा जमाया है।
कजाकिस्तान में 14-22 सितंबर तक खेली गई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 30 पहलवानों का भारतीय दल शामिल हुआ था। ग्रीको रोमन, फ्री स्टाइल और महिला वर्ग तीनों में 10-10 पहलवान शामिल थे, जिनमें हरियाणा के 18 पहलवानों ने ट्रायल के आधार पर जगह बनाई थी, जबकि अन्य 12 पहलवान महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी, दिल्ली थे। ये विश्व चैंपियनशिप को इसलिए काफी अहम थी, क्योंकि इससे ही 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक का टिकट मिलना था। इसलिए ही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में लगभग 70 देशों के पहलवानों ने हिस्सा लिया था। इसलिए किसी भी पहलवान के लिए मेडल जीतने के साथ ही ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना आसान नहीं था, लेकिन इस विश्व चैंपियनशिप में पहलवानों ने अभी तक के सबसे ज्यादा पांच मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया और यह इतिहास अकेले हरियाणा के पहलवानों की बदौलत रचा गया है। देश को मिले पांच मेडलों में अकेले हरियाणा के चार पहलवानों बजरंग पूनिया, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश फौगाट ने मेडल जीते तो एक मेडल महाराष्ट्र के राहुल अवारे ने जीता। वहीं देश को चार ओलंपिक कोटे मिले है और वे सभी चार कोटे हरियाणा के पहलवानों ने दिलाए हैं। इस तरह अकेले हरियाणवी पहलवानों के सहारे देश ने नया इतिहास रचा है और यह उम्मीद लगाई जा रही है कि ओलंपिक में इस बार पहलवान कई मेडल देश की झोली डालेंगे।
किसने कौन सा पदक जीता
दीपक पूनिया (रजत पदक)
बजरंग पूनिया (कांस्य पदक)
रवि दहिया (कांस्य पदक)
विनेश फौगाट (कांस्य पदक)
राहुल अवार (कांस्य पदक)
प्रदर्शन अच्छा था, कमियों को सुधारा जाएगा
विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इस बार पहलवानों ने सबसे ज्यादा पांच मेडल जीतकर इतिहास बनाया है तो सबसे ज्यादा चार ओलंपिक कोटा हरियाणा के पहलवानों को मिला है। पहलवानों का प्रदर्शन अच्छा रहा और यह प्रदर्शन आगे भी इस तरह ही जारी रहे तो ओलंपिक में कई मेडल मिल सकते हैं। यह जरूर है कि कुछ कमियां रही हैं, जिनको आगे प्रैक्टिस में सुधारा जाएगा।
- राजीव तोमर, कोच भारतीय कुश्ती टीम
विनेश फौगाट- फोटो : Sonipat
दीपक पूनिया- फोटो : Sonipat
बजरंग पूनिया- फोटो : Sonipat