आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा ने सभा के मंत्री मास्टर रामपाल की गिरफ्तारी पर रोष जताया है।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को एमडीयू फैकल्टी हाउस में सीएम से मिला।
प्रतिनिधि मंडल ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से मामले में दर्ज एफआईआर रद्द करने और जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस पर सीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
सभा के सरंक्षक आचार्य बलदेव और प्रधान आचार्य विजयपाल के नेतृत्व में सीएम से मिलने पहुंचे शिष्टमंडल ने कहा कि वह किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते हैं।
सभा के पुस्तकाध्यक्ष आजाद सिंह ने बताया कि सीएम के निर्देशों की पालना नहीं होने पर सभा आगे की रणनीति तय करेगी। साथ ही सभा के प्रतिनिधियों ने छेड़छाड़ की धारा को भी गलत बताया।
वहीं, मामले में आर्य प्रतिनिधि सभा शिवाजी कॉलोनी ने भी मोर्चा खोल दिया। सभा के सरंक्षक कैप्टन रणधीर ने आर्य ने प्रेस कांफ्रें स करके रामपाल के खिलाफ दर्ज अन्य एफआईआर भी पेश की। उन्होंने गिरफ्तार हुए रामपाल पर समाज को बदनाम करने के आरोप जड़े। रणधीर ने कहा कि सभा के दोबारा चुनाव हो ताकि सही कार्यकारिणी काम कर सके।
बता दें कि 10 दिन पहले हुुए दयानंद मठ जमीन विवाद हुआ था। इस मामले में आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा के मंत्री मास्टर रामपाल सहित करीब 12 लोगों के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन की देवरानी बबिता की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट, छेड़छाड़ और तोड़फोड़ का केस दर्ज किया था। ऐसे में पुलिस ने बृहस्पतिवार को सभा के मंत्री मास्टर रामपाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।