रोहतक। राज्य सरकार ने सभी जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को वार्षिक ग्रांट की पहली किस्त जारी कर दी है। पहली बार गांवों में पानी और स्वच्छता पर आधा बजट खर्च किया जाएगा। सभी जिला विकास व पंचायत अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रांट खर्च होते ही उसका यूटिनाइजेशन सर्टिफिकेट भिजवाएं। पहली बार सरकार ने टाइड ग्रांट का प्रावधान किया है। पूरी ग्रांट का पचास प्रतिशत हिस्सा इसमें रखा गया है। इसमें कुछ शर्तें रखी गई हैं। टाइड ग्रांट का उपयोग सिर्फ सफाई और पानी से संबंधित मामलों पर ही किया जाएगा। इसमें गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के प्रयास, गांव में सफाई, पेयजल सप्लाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी की री-साइक्लिंग जैसी चीजें शामिल हैं। जिला परिषद, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों, तीनों की ग्रांट गांवों में ही खर्च होगी।
राज्य सरकार ने कुल 316 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थाओं के लिए जारी किए हैं। जिनमें से 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 फीसदी पंचायत समितियों और दस प्रतिशत जिला परिषद को दिए गए हैं। राज्य भर में ग्राम पंचायतों को 237 करोड़, पंचायत समितियों को 47.40 करोड़ और जिला परिषदों को 31.60 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। रोहतक जिला परिषद को 1,13,93,106 रुपये मिले हैं। इसी अनुपात में जिले की पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को ग्रांट मिली है।
इन बातों पर होगा फोकस
- सोखते गड्ढे : स्कूल, सरकारी इमारतों में बेकार होने वाले बारिश के पानी को संभालने के लिए पाइप के नीचे सोखते गड्ढे (सोक पिट) बनाए जाएंगे। वाटर री-साइकिलिंग, ताकि भूजल स्तर में सुधार किया जा सके।
- पीने के पानी की व्यवस्था : डिग्गी की सफाई, पेयजल पाइप की रिपेयर।
- ओडीएफ : गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाना
- डोर टू डोर कचरा कलेक्शन : गांव में घरों से कूड़ा इकट्ठा करने का प्रबंध
- स्वच्छता : गांवों की गली, नाली फिरनी, पंचायती जमीन की सफाई
बदले गए सारे जीपीडीपी
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि हर गांव के लिए ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्रोग्राम (जीपीडीपी) बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत को मिली ग्रांट उसी के मुताबिक खर्च होगी। नया वित्त वर्ष शुरू होने से पहले सभी गावों के जीपीडीपी बन गए थे, लेकिन राज्य सरकार द्वारा पचास फीसदी ग्रांट स्वच्छता और पानी पर खर्च करने के फरमान के बाद सारे जीपीडीपी नये सिरे से तैयार किए गए हैं।
जिला परिषद के लिए सालाना ग्रांट की 1 करोड़ 13 लाख 93106 रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को भी पहली किस्त जारी कर दी गई है। पचास प्रतिशत ग्रांट स्वच्छता और पानी पर खर्च की जाएगी।
- नरेंद्र धनखड़, जिला विकास व पंचायत अधिकारी