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Rohtak News: पीजीआई के आधे डॉक्टर 4 जून से एक माह से अवकाश पर

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- संस्थान में मरीजों की सुविधा के लिए दो शिफ्टों में ग्रीष्म अवकाश लेने की बनाई गई व्यवस्था
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विकास सैनी
रोहतक। पीजीआई में 4 जून से चिकित्सकों का ग्रीष्मावकाश शुरू हो रहा है। मरीजों की सुविधा को देखते हुए आधे-आधे चिकित्सक दो हिस्सों में अवकाश लेंगे। पहले 4 जून से 3 जुलाई व बाद में 5 जुलाई से 3 अगस्त तक यह अवकाश रहेगा। इस दौरान मरीजों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
गर्मी की छुट्टियों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। स्कूलों व अदालतों में ही नहीं, पीजीआई में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रीष्मावकाश में संस्थान के चिकित्सकों को दो सत्रों में अवकाश दिया जाएगा। इसके बीच में 4 जुलाई का दिन कॉमन रखा गया है। इस दिन सभी मिलकर विभागीय जानकारी एक-दूसरे से साझा करेंगे। इसके बाद अवकाश पर गए चिकित्सक काम करेंगे व अन्य चिकित्सक अवकाश पर जाएंगे।
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ड्यूटी रोस्टर की नियमों व शर्तों का पालन अनिवार्य
संस्थान प्रबंधन ने अवकाश के संबंध में कुछ नियम व शर्तें भी लागू की हैं। इसके तहत जारी ड्यूटी रोस्टर में अवकाश विभाजन की अनुमति नहीं होगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक यूनिट में सीनियर प्रोफेसर, प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर अवकाश की पूरी अवधि के दौरान ड्यूटी पर रहेंगे। मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ऑर्थोपेडिक्स, बाल रोग, क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान, मनोचिकित्सा, रेडियोथेरेपी, एसपीएम व अन्य विभागों में से लगभग आधा स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा।

अनुबंध आधार पर नियुक्त व्यक्ति अवकाश के लिए पात्र नहीं
सीनियर रेजिडेंट्स, रेजिडेंट, डेमोंस्ट्रेटर, बायोकेमिस्ट, फिजिसिस्ट, केमिस्ट, फार्मासिस्ट, एपिडेमियोलॉजिस्ट अवकाश के हकदार नहीं हैं। शिक्षण स्टाफ अवकाश का हकदार होगा, बशर्ते उन्होंने अवकाश शुरू होने से पहले नियमित आधार पर छह महीने की सेवा पूरी कर ली हो।
तदर्थ या अनुबंध आधार पर नियुक्त व्यक्ति अवकाश के लिए पात्र नहीं हैं। अनुबंध आधार पर काम करने वाले संकाय सदस्य को आधी गर्मी की छुट्टी यानी 15 दिन की छुट्टी दी जाएगी, बशर्तें कि उसने इस संस्थान में अनुबंध के आधार पर नियुक्ति का एक वर्ष पूरा कर लिया हो। आकस्मिक अवकाश को ग्रीष्मावकाश के साथ नहीं जोड़ा जा सकता।
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वर्जन
संस्थान के चिकित्सकों व शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश दो हिस्सों में दिया जाना है। इसका पहला हिस्सा 4 जून से शुरू होगा। एक माह बाद दूसरे चिकित्सक अवकाश पर जाएंगे। मरीजों की सुविधा को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई रोहतक।
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