रोहतक। नर्सिंग भर्ती के लिए उम्मीदवारों को वीरवार करीब आठ घंटे भूखे प्यासे कतार में खड़े रह कर एक और परीक्षा से गुजरना पड़ा। नौकरी के लिए सुबह आठ बजे स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के फार्मेसी कॉलेज में पहुंचे उम्मीदवारों में से ज्यादातर का शाम चार बजे तक भी नंबर नहीं आया। साथ परिजन भी बाहर पार्क में उनकी राह तकते नजर आए। यह काउंसिलिंग प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 307 नर्सों की भर्ती के लिए चल रही है। यहां की लचर व्यवस्था से आहत लोगों ने काउंसिलिंग को लंबी व बोझिल करार दिया। साथ ही छोटी-छोटी बातों के लिए लोगों को चक्कर लगवाने पर नाराजगी जाहिर की। अमर उजाला ने काउंसिलिंग में पहुंचे लोगों से बातचीत की तो यह सच सामने आया।
अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों की हुई काउंसिलिंग
फार्मेसी कॉलेज के सभागार में वीरवार को अनुसूचित जाति वर्ग के उम्मीदवारों को नर्सिंग भर्ती काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। यह संख्या करीब 153 बताई गई है। इन उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के अलावा फिंगर प्रिंट भी जांचे जाने हैं। फिंगर प्रिंट जांचने का काम धीमी गति से चलने की बात कही जा रही है। इस कारण उम्मीदवारों की कतार छोटी नहीं हो रही है।
काउंसिलिंग के लिए करना पड़ रहा लंबा इंतजार
काउंसिलिंग के लिए बेटी को साथ लेकर सुबह आठ बजे फार्मेसी कॉलेज पहुंच गया था। इसके बाद करीब चार घंटे काउंसिलिंग शुरू होने का इंतजार किया। अब पिछले चार घंटे से बेटी अपनी बारी की इंतजार में कतार में खड़ी है। यहां 12 बजे तक तो बोर्ड ही नहीं बैठा था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे काउंसिलिंग शुरू हुई। इस कारण लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
- सत्यनारायण, बहादुरगढ़।
नर्सिंग भर्ती काउंसिलिंग के लिए सुबह आठ बजे संस्थान पहुंचा था। इसके लिए अल सुबह बेटे के साथ घर से निकला था। बगैर कुछ खाए पीए बच्चे पिछले करीब आठ घंटे से अपनी बारी की इंतजार में कतारबद्ध हैं। शाम चार बजे गए हैं। अब तक नंबर नहीं आया है। पता नहीं, कब नंबर आएगा। सर्दी का मौसम है। पता नहीं क्या होगा।
- सुरेंद्र कुमार, फरीदाबाद।
बेटी के साथ सुबह नौ बजे काउंसिलिंग के लिए पहुंचे थे। इसके बाद से अब चार बजे भी इंतजार ही कर रहे हैं। पता नहीं क्या चल रहा है। अब तक नंबर ही नहीं आया है। अनेक उम्मीदवारों को दस्तावेज पूरे कराने व दस्तावेज प्रमाणित कराने के नाम पर बाहर कर दिया गया है। दूर-दराज से आए ये उम्मीदवार काफी परेशान हैं।
- रमेश कुमार, कलानौर।
नर्सिंग भर्ती के लिए पत्नी के साथ काउंसिलिंग में आया हूं। पत्नी अपनी बारी के इंतजार में कतार में खड़ी है। मैं पार्क में उसका इंतजार कर रहा हूं। उम्मीदवारों को तिथि वाला फोटो, प्रमाणित दस्तावेज व अन्य बातों को लेकर धक्के खिलाए जा रहे हैं। किसी को एक बार में कमियां नहीं बताई गई है। इस कारण छोटी-छोटी कमियों को दूर कराने के लिए दौड़ना पड़ रहा है।
- संजीव कुमार, बनियानी।